फसलों की तबाही झेल चुके किसानों को राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे। नई फसल की तैयारियों की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को सरकार की तरफ से अभी फिलहाल कोई मदद मिलती नजर नहीं आ रही।
दरअसल, पिछले दिनों बेमौसम बारिश की वजह से हुए नुकसान की अभी तक कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई। 15 मई तक फसलों की गिरदावरियां होनी हैं। इसके बाद नुकसान की रिपोर्ट बनेगी। इसके बाद रिपोर्ट केंद्र के पास जाएगी।
केंद्र इस रिपोर्ट पर विचार करेगा और तब जाकर इसके मुआवजे की रूपरेखा तैयार होगी, लेकिन तब तक किसानों की फसलों की बिजाई का सीजन निकल चुका होगा। जम्मू संभाग के मंडलायुक्त डा. पवन कोतवाल से बात करने पर उन्होंने कहा कि अभी तक फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार नहीं हुई।
अगले महीने इसके नुकसान की गिरदावरियां पूरी होंगी। फिर रिपोर्ट तैयार होगी। उन्होंने माना कि आरएस पुरा, सांबा, कठुआ में काफी नुकसान हुआ है, लेकिन किसानों को तब तक कोई मुआवजा नहीं दिया जा सकता, जब तक नुकसान का पूरा ब्योरा न हो। पूरा ब्योरा होने पर उन किसानों को मुआवजा मिलेगा, जिनका सही में नुकसान हुआ है।
बाद में कोई लाभ नहीं
राइस ग्रोवर्स एसोसिएशन के प्रधान चौधरी देव राज का कहना है कि पिछली दो फसलें तो तबाह हो चुकी हैं। किसानों के लिए अगली फसल का सहारा है। कुछ ही दिन में गेहूं कट जाएगी। इसके बाद किसानों को धान की तैयारी करनी है, लेकिन किसानों के पास खेतों में ट्रैक्टर चलाने तक के पैसे नहीं। यदि किसानों को तत्काल मुआवजा मिलता तो वे फसलों की बिजाई कर सकते थे। बाद में मुआवजे का कोई अधिक लाभ नहीं होगा।