ज्यौड़ियां। सीमावर्ती गांवों के किसानों ने धान की पनीरी (पौध) बो दी है। जून में ही धान की रोपाई का काम भी शुरू हो जाएगा लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाक सीमा पर तनाव के कारण क्षेत्र में मजदूरों की कमी हो गई है। इसके लिए किसानों को क्षेत्र में आने वाले प्रवासी मजदूरों की चिंता सताने लगी है।
किसानों को लग रहा है कि अगर तनाव के कारण बाहरी मजदूर नहीं आए तो उनके लिए धान की रोपाई करना मुश्किल हो जाएगा। गांव मट्टू के किसान और नंबरदार खैरू राम ने बताया कि उनके गांव में धान रोपाई बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों पर ही निर्भर हैं।
किसान और सेवानिवृत्त सूबेदार सतपाल मट्टू ने बताया कि धान की पनीरी कुछ दिन में तैयार हो जाएगी और धान की रोपाई का काम शुरू होगा। जिसके लिए वह लोग फोन करके धान लगाने वाले प्रवासी मजदूरों को बुला रहे हैं। वह उनको समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि सीमा पर पूरी तरह से शांति है। किसान और भाजपा के मंडल अध्यक्ष खौड़ अंकुश चौधरी ने बताया कि धान की पनीरी तैयार है। उन्हें भी मजदूरों का इंतजार है।