वरिष्ठ पत्रकार और जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व उप-निदेशक मदन लाल मंतू का बुधवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। उनके बेटे विकास मंतू ने बताया कि मंगलवार देर रात बेचैनी के बाद अस्पताल ले जाने पर सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके अंतिम संस्कार में मीडिया जगत के लोग, सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल हुए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता भी उपस्थित थे। मंतू मूल रूप से उत्तरी कश्मीर के बारामूला के निवासी थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के प्रेस अधिकारी का पद प्रमुख था। वह जनसंपर्क उप-निदेशक और राजभवन में जनसंपर्क निदेशक भी रहे। मंतू 58 वर्ष की आयु में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कानून में स्नातक और पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त किया था।
सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन
सेवानिवृत्ति के बाद भी मंतू पत्रकारिता से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वह जम्मू के एक प्रमुख समाचार पत्र में कार्यकारी संपादक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय प्रवक्ता के रूप में भी काम किया। कई वर्षों तक उन्होंने इसके जम्मू मीडिया सेल का नेतृत्व किया।
श्रद्धांजलि और योगदान
बाद में, तत्कालीन प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के पार्टी छोड़ने पर मंतू ने भी नेशनल कॉन्फ्रेंस से दूरी बना ली थी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने एक बैठक में उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। सूचना निदेशक ममता यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे। विभाग ने लेखन और जनसंपर्क के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्हें एक मिलनसार सहकर्मी और प्रेरणा देने वाले मार्गदर्शक के रूप में श्रद्धांजलि दी गई।