विधानसभा चुनाव से पूर्व रियासती अवाम को नेकां-कांग्रेस साझा सरकार एक और राहत देगी। हुकूमत ने बिजली किराया कम करने की कवायद शुरू कर दी है। इस सिलसिले में राज्य बिजली विभाग प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है।
लोकसभा चुनाव में सत्ता पक्ष की करारी शिकस्त के बाद नेकां की कार्यकारिणी की बैठक में यह मांग सरकार से की गई थी। राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा में बढ़ोतरी के फैसले के बाद ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह संकेत दिया था।
सूत्रों का कहना है कि राज्य बिजली विभाग ने पहले चरण में बिजली किराये पर लगने वाले 22 फीसदी कर को कम करने का प्रस्ताव बनाया है। इससे बिजली विभाग को सालाना 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।