बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा और राहत का सामान देने के
संबंध में फर्जी लोग भी सामने आ रहे हैं, जिस कारण वाजिब लोगों को मुआवजा
तथा राहत सामग्री मिलना चुनौती बन गया है।
भगवती नगर स्थित यात्री
निवास में ठहरे पीड़ित परिवारों की 43 और 19 की संख्या पर भी असमंजस बना
हुआ है। उधर, प्रशासनिक टीम तथा पुलिस को भी इस बारे में सूचना मिल गई है।
पीडि़तों
को मिलने वाले राहत के सामान को लेने के लिए स्थानीय लोग भी पहुंच रहे
हैं। इस बात पर यात्री निवास में विवाद भी हो चुका है।
सेना ने पीड़ित को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
गौरतलब है कि सितंबर माह के पहले सप्ताह में भारी बारिश के बाद रियासत में बाढ़ आई थी, जिस कारण कश्मीर के साथ ही जम्मू संभाग के राजोरी, पुंछ और अखनूर सहित कई इलाकों में भारी तबाही हुई थी। इसके बाद पुलिस और सेना के जवानों ने पीड़ित को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
भगवती नगर स्थित यात्री निवास में पहले दिन डेढ़ दर्जन के करीब परिवारों को ठहराया गया था। इनमें अधिकतर वे परिवार थे, जो मंदिर-मस्जिद चौक, ज्यूल चौक की ओर से तवी किनारे पर झुग्गियां बनाकर बैठे थे। प्रशासन ने इनके लिए भोजन की व्यवस्था के अलावा अन्य इंतजाम भी किए।
फर्जी लोग भी सामने आ रहे सामान लेने
अब राहत का सामान लेने के लिए फर्जी लोग भी सामने आ रहे हैं, प्रशासन को भी इसकी भनक लग गई है। यात्री निवास में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों के आने पर तुरंत सूचित करने को भी कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक अब तक बांटे गए सामान में कुछ स्थानीय लोगों ने भी हाथ साफ किया है। कंबल, बाल्टियां, बर्तन आदि सामान स्थानीय लोग ले जा चुके हैं।