पाकिस्तान सीमा से सटे झिड़ी देवस्थान पर चार नवंबर से लगने वाले मेले के लिए पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। ड्रोन और खोजी कुत्तों से निगरानी रखी जाएगी। इसको लेकर बीते दिनों आईपीजी जम्मू भीमसेन टूटी ने मेला स्थल का दौरा कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
पाकिस्तान सीमा से सटे झिड़ी देवस्थान पर चार नवंबर से होने जा रहा मेला त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में होगा। पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। ड्रोन से मेला स्थल पर नजर रखी जाएगी। खोजी कुत्तों को भी लगाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान सीमा के नजदीक यह मेला हो रहा है। ऐसे में सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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तीन नवंबर से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल से लोगों के आने का सिलसिला शुरू होगा। सुरक्षित वातावरण में मेले का आयोजन करने के लिए विस्तृत सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। सीमा पर बीएसएफ, मेला स्थल पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात रहेंगे। झिड़ी से जुड़ने वाली लिंक रोड पर विशेष नाके लगाए जा रहे हैं। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को रिंग रोड से झिड़ी की तरफ भेजा जाएगा।
ऐसे में रिंग रोड पर भी अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी। बीएसएफ ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि सीमा पार से किसी तरह की घुसपैठ न हो सके। सीमा पार से आने वाले ड्रोन की चुनौती से निपटने के लिए भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
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बीते दिनों आईपीजी जम्मू भीमसेन टूटी ने मेला स्थल का दौरा कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें सेना, बीएसएफ के अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिए गए थे। मेला स्थल के आसपास से लेकर रिंग रोड तक ट्रैफिक पुलिस तैनात रहेगी। पार्किंग की सुविधा, नो पार्किंग जोन जैसे स्थानों को तय किया गया है। एसएसपी जम्मू जोगिंद्र सिंह ने कहा कि मेला स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है।