जम्मू। जीएमसी में अब सांस की तकलीफ से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल की इमरजेंसी में तीन नई बाइलेवल पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (बाइपेप) मशीनें स्थापित कर दी हैं। इसके अलावा दो अतिरिक्त मशीनें भी मंगवाई जा रही हैं। इससे पहले इमरजेंसी में खुद मरीज बाजार से किराये पर बाइपेप मशीन लाकर इलाज करवा रहे थे। इसका उन्हें रोजाना 500 रुपये किराया भरना पड़ रहा था, लेकिन अब यह सुविधा अस्पताल में लगाई गई मशीनों से निशुल्क मिलेगी।
जीएमसी में इन मशीनों की कमी के कारण क्रोनिक ऑब्सट्रक्वि पल्मनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। तीमारदारों को मजबूरन अस्पताल से बाहर से किराये पर रोजाना मशीन लानी पड़ती थी। यह मुद्दा उठने के बाद जीएमसी प्रबंधन हरकत में आया।
जीएमसी प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने कहा कि मरीजों की सहूलियत के लिए इमरजेंसी में तीन मशीनें स्थापित कर दी गई हैं दो और का ऑर्डर किया गया है। हालांकि इमरजेंसी में ऐसे मरीज काफी कम संख्या में पहुंचते हैं।
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मशीन ऐसे करती है काम
सीओपीडी के मरीजों को सांस लेने में बहुत मुश्किल होती है। ऐसे में उन्हें सप्लाई सुचारू रखने के लिए कृत्रिम ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती है। बाइपेप मशीन उन मरीजों को लगाई जाती है, जिन्हें सांस भीतर लेने और छोड़ने में तकलीफ होती है। इन मशीनों के साथ मास्क लगा होता है, जिसे नाक और मुंह पर फिट किया जाता है। मशीन दो किस्म का प्रेशर बनाती है, जब मरीज सांस लेता है तो मशीन ऑक्सीजन को फेफड़ों तक पहुंचाती है और जह सांस छोड़ता है तो मशीन दोबारा हल्का प्रेशर बनाकर सांस बाहर निकाल देती है। इसके लिए सांस लेने और छोड़ने के लेवन को मशीन खुद ही सेट कर लेती है।