जम्मू। एलओसी की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के छह किलोमीटर के दायरे में आने वाले युवाओं को नौकरियों में आरक्षण सुविधा मिलेगी। सरकार की ओर से 508 गांवों को आरक्षण लाभार्थी क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने के बाद सीमावर्ती युवाओं ने राहत की सांस ली है। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सीमा कठुआ, सांबा और जम्मू जिले तक है। यह इलाका पाकिस्तानी गोलाबारी समेत कई अन्य परेशानियों से जूझता रहता है। आरक्षण मिलने से स्थानीय युवाओं को नौकरियाें के लिए कम प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जम्मू के 293, सांबा के 142 और कठुआ के 53 गांवों के युवाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। आरक्षण सिर्फ रोजगार हासिल करने के लिए ही मिलेगा। अन्य सुविधाएं जैसे यात्रा सहित अन्य सरकारी कामों में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। समाज कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में चतुर्थ श्रेणी के 8575 पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 508 गांवों के युवाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसी तरह से पंचायत अकाउंट असिस्टेंट के 1889 पद भरे जाने हैं। इसी तरह पुलिस और समय-समय पर निकलने वाले पदों में भी आईबी से सटे इलाकों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रधान सचिव शैलेंद्र कुमार की ओर से जारी अधिसूचना में डिवकॉम और डीसी को गांवों में रहने वाले लोगाें के बारे में विवरण देने के निर्देश दिए गए हैं। यह आरक्षण जेएंडके रिजर्वेशन रूल्स 2005 के तहत मिलना है। गांवों की सूचियां मुहैया होने के बाद सामाजिक कल्याण विभाग आगामी कार्रवाई शुरू करेगा।
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आईबी से सटे अन्य गांवों को मिले आरक्षण
जम्मू। कांग्रेस वरिष्ठ नेता मूला राम और जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष हरि सिंह ने कहा कि जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास रहने वाले शेष गांवों के युवाओं को आरक्षण का लाभ मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में प्रशासन लोगों की सुध नहीं ले रहा। आईबी के आसपास बसे कई गांवों के युवाओं को आरक्षण का लाभ न मिलने से उन्हें सेना भर्ती से लेकर सरकारी नौकरी नहीं मिल पा रही है।