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चोटी कटने की अफवाहों पर लोगों को जागरूक करने वाराणसी से जम्मू आएगी विशेषज्ञों की टीम

Thu, 31 Aug 2017 07:11 PM IST
श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/जम्मू
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चोटी कटने की अफवाहों पर जागरूकता को आएगी टीम - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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चोटियां काटने के मामले में अफवाहों पर विराम लगाने के लिए बनारस आधारित चोटी कटवा शंका निवारण मंच के दो सदस्य शनिवार को जम्मू पहुंच रहे हैं। मंच की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विस्तार से जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जम्मू, कटड़ा और उधमपुर में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में लोगों को डिप्रेशन, मानसिक रोग एक्यूट साइकोसिस और मास हिस्टीरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। शिविरों में न्यूरोलाजिस्ट विशेषज्ञ सहित सात सदस्यों की टीम जागरूक करेगी। बनारस, मिर्जापुर, लखनऊ आदि जगहों पर करीब सौ जागरूक शिविर लगाने के बाद जम्मू-कश्मीर में मंच जागरूकता बढ़ाने पर काम कर रहा है।
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मंच के अध्यक्ष आईएमएस, बीएचयू न्यूरोलाजी विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. वीएन मिश्रा ने बताया कि मंच की ओर से देश के कई हिस्सों में जागरूक शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि चोटियां कटने के अधिकांश मामले डिप्रेशन, एक्यूट साइकोसिस और मास हिस्टीरिया से जुड़े हुए हैं। इनमें मानसिक और दिमागी बीमारियां हैं। इसमें पीड़ित द्वारा बाल नोचने, उसे काटने या अन्य गतिविधियां की जा सकती हैं। वर्ष 2017 में जहां दुनिया कैंसर और ट्यूमर का इलाज खोज रही है वहीं भारत अंध विश्वास के जाल में फंसा हुआ है।

मंच की ओर से फेसबुक पर चोटी कटवा शंका निवारण मंच नाम से साइट बनाई गई है, जिसमें लगातार कई अपडेट दिए जा रहे हैं। चोटियां कटने की घटनाओं के मामले में देशभर में कई महिलाओं से दुर्व्यवहार की घटनाएं हुई हैं, जो शर्मनाक है। मिरगी रोग के विशेषज्ञ प्रो. मिश्रा ने कहा कि मिरगी रोग को लेकर भी देशभर में अंधविश्वास का बोलबाला है। वह समाज की ऐसी बीमारी के खिलाफ पिछले पंद्रह सालों से लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू में शनिवार को उनके दो स्वयंसेवी सदस्य आकर रिपोर्ट देंगे, जिसके एक हफ्ते बाद वह खुद जागरूक शिविर लगाने के लिए जम्मू आएंगे। 
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