अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग के दो बड़े संस्थान ''हैडलेस'' हैं। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक का पद पांच महीने से खाली है। इन दोनों पदों के लिए शार्टलिस्ट 15 उम्मीदवारों का साक्षात्कार हो चुका है, लेकिन इसके आगे की कार्यवाही लटकी है। नामों पर अभी मुहर नहीं लगी है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने फरवरी में इन पदों पर नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी बनाई थी। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। दोनों पद के लिए 28 आवेदन मिले थे। इसमें 14 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शार्टलिस्ट किया था। इसमें 12 उम्मीदवारों ने चेयरमैन और निदेशक दोनों पदों के लिए आवेदन किया है, जबकि दो ने सिर्फ बोर्ड चेयरमैन के पद के लिए आवेदन किया है।
मार्च में इन 14 उम्मीदवारों ने कमेटी को साक्षात्कार दिए थे। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने संभावित नामों को तय कर सूची उपराज्यपाल कार्यालय को भेजी दी थी। हालांकि, इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके चलते पांच महीने बाद भी बोर्ड के चेयरमैन और एससीईआरटी के निदेशक का पद अभी तक खाली है। कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि हमारा काम आवेदन के बाद उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट करना था। हमने अपना काम पूरा किया है। अब सूची जारी करना सरकार का काम है।
यह हैं बड़ी चुनौतियां
जम्मू-कश्मीर में सरकार ने पारंपरिक अक्तूबर-नवंबर शैक्षणिक सत्र को भी बहाल किया है। प्रदेश में अब विंटर और समर जोन की परीक्षाएं, परिणाम और दाखिले अलग-अलग होने हैं। ऐसे में बोर्ड चेयरमैन के नहीं होने से बोर्ड द्वारा लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों पर असर पड़ रहा है। इस शैक्षिणक सत्र में भी स्कूलों में पुस्तकें बच्चों को समय नहीं मिली थी। इसके कारण काफी असुविधा हुई थी। वहीं जम्मू-कश्मीर में जबसे राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) बना है तब से पूर्ण निदेशक नहीं मिला है।
चेयरमैन के ये भी हैं काम
-परीक्षा के आयोजन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना
-परीक्षा आयोजन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार करना
-परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि और परिणाम तिथि की निगरानी करना
-20 हजार से ऊपर की फंडिंग के लिए चेयरमैन की अनुमति अनिवार्य
एससीईआरटी के निदेशक का यह काम
-शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिए जरूरी कार्ययोजना बनाना
-शिक्षा लर्निंग सामग्री को तैयार करवाना
-कक्षा एक से आठवीं तक के लिए प्रैक्टिस पेपर तैयार करवाना