परीक्षाओं के दौरान तनाव लेने वाले विद्यार्थियों का नतीजों में प्रदर्शन खराब हो सकता है। परीक्षा का फोबिया पाकर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थी ज्यादा बेहतर चल पाने में मुश्किल में रहते हैं। परीक्षाओं के दौरान तैयारियों के साथ अपनी सेहत पर भी उतना ही ध्यान दें। पर्याप्त नींद न लेने वाले विद्यार्थी परीक्षा में खराब प्रदर्शन करते हैं।
मार्च में जम्मू-कश्मीर स्कूली स्टेट बोर्ड और सीबीएसई की परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों की तैयारी अंतिम चरण में है। ऐसे में उन्हें कुछ उपायों को अपनाकर बेहतर तैयारी करनी चाहिए। क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट डा. पियाली अरोड़ा का कहना है कि परीक्षाओं में सबसे पहले विद्यार्थियों को तनाव और परीक्षा फोबिया से दूर रहना चाहिए।
परीक्षा के दौरान थोड़ा तनाव होना लाजिमी होता है, लेकिन परीक्षा की तैयारी एक बेहतर शेड्यूल बनाकर करें। घर पर ही अपने विषयों के माडल पेपर लेकर तैयारी करें, जिसमें अपनी खामियों को दूर किया जा सके। प्रतिस्पर्धा के दौरान पर अभिभावक अपने बच्चों पर क्षमता से अधिक बोझ न डालें, जिससे उनके नतीजों पर विपरीत असर पड़े।
परीक्षा की तैयारी करें, जबकि उसके नतीजों पर ध्यान केंद्रित न करें। अमूमन अधिकांश विद्यार्थियों में परीक्षा में खराब नतीजों को लेकर डर बैठ जाता है, जबकि वह अपनी क्षमता के मुताबिक बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारियां नंबरों के आधार पर न करके उसे ज्यादा ज्ञान पाने की तरह करें।
लगातार पढ़ने से परहेज करें। पढ़ाई के दौरान थोड़ा समय दिमाग को रिलेक्स करें। सभी विषयों के मुताबिक ही रिवीजन को फाइनल टच दें। संबंधित पेपरों के मुताबिक तैयारी करें। इससे परीक्षाएं आगे बढ़ने से तनाव भी कम होता जाएगा।
ये भी जरूरी है
1. पर्याप्त नींद लेना चाहिए
2. तैयारी का शेड्यूल बनाएं
3. माडल पेपर से भी तैयारी करें