- वर्ष 2001 में आतंकवाद का रास्ता छोड़ कर मुख्य धारा में लौटा था मोहम्मद कालू उर्फ शकूर
- बोला, हम जैसे लोग पहाड़ी इलाके के चप्पे-चप्पे से वाकिफ, आतंकियों के आने-जाने के रूट भी मालूम
-सरकार हथियार उपलब्ध करवाए तो दहशतगर्दों को करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। वर्ष 2001 में आतंकवाद का रास्ता छोड़ कर मुख्य धारा में लौटने वाले जिले के नबाबाद विजयपुर के मोहम्मद कालू उर्फ शकूर आतंकवादियों से लोहा लेने के लिए तैयार हैं। पहलगाम में आतंकियों की ओर से निहत्थे पर्यटकों पर किए गए हमले को लेकर उनके मन में बहुत गुस्सा है।
कभी हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी रहे कालू ने बताया कि जिन लोगों ने भी आतंकवाद का रास्ता छोड़ कर मुख्य धारा को अपनाया है, वे जिले के पहाड़ी इलाकों के चप्पे-चप्पे से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उनको सभी रास्ते और आतंकियों के आने-जाने के रूट भी पता हैं। मुख्य धारा में लौट चुके ऐसे आतंकियों को सरकार की तरफ से हथियार उपलब्ध करवाए जाने चाहिए ताकि वे लोग दहशतगर्दों का मुकाबला कर उन्हें ढेर कर सकें।
उन्होंने कहा कि पहलगाम जैसी घटना दोबारा नहीं हो, इसके लिए वह आतंकियों से लड़ने को तैयार है। मौजूदा समय मोहम्मद कालू एक मदरसे में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।