भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना
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जम्मूू कश्मीर की विधानसभा भंग जून 2018 में हुई थी। इसके बाद आज तक विधानसभा चुनाव नहीं हुए। बावजूद पूर्व विधायक खुद को अधिकारी से ऊपर मान कर तबादले के आदेश दे रहे हैं। ऐसा घटनाक्रम 16 मई को हुआ, जब रविंद्र रैना ने एडीजीपी मुकेश सिंह को एसपीओ दलजीत सिंह का घरेलू परेशानी के आधार पर ट्रांसफर करने के लिए आवेदन दिया।
एसपीओ पंजतीर्थी में कार्यरत हैं और उन्हें किश्तवाड़ भेजने के लिए कहा गया। मामला तूल पकड़ने पर 18 मई को उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज पर एसएसपी के नाम लिखे पत्र में गलत सूचना देने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की।
यहां बताने योग्य है कि केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस केंद्र के अंतर्गत आती है। अगर तबादले की जरूरत होती है तो पुलिस अधिकारी के पास आवेदन किया जा सकता है अन्यथा डीडीसी, सांसद या सरपंच से, क्योंकि सभी के पास अधिकार हैं और ये लोगों के नुमाइंदे हैं।
अब सवाल उठता है कि पूर्व एमएलए किस अधिकार से ट्रांसफर के लिए बोल रहे थे। हालांकि पुलिस की ओर से पूर्व विधायक की अर्जी को नामंजूर कर दिया गया।
अगर कोई परेशानी लेकर आता है तो उसे दूर करने के लिए संबंधित अधिकारी तक मामला उठाया जाता है। भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते जनसेवा कर रहा हूं।
- रविंद्र रैना, पूर्व विधायक
अभी तक किसी को ट्रांसफर नहीं किया। आला अधिकारी के आदेश के बाद ही तबादला किया जाएगा।
- चंदन कोहली, एसएसपी जम्मू