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जम्मू-कश्मीर : नहर की सफाई व मरम्मत पर हर साल खर्च होते हैं लाखों रुपये

Mon, 26 Apr 2021 12:48 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

15 गांव में फैली है 8 किलोमीटर लंबी नहर। किसान नहर को सुचारु कराने की कई बार लगा चुके हैं गुहार।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुचेतगढ़ और अरनिया ब्लॉक के तहत आती 17 नंबर नहर हर एक गांव में पहुंचती है। इससे किसान खेतों में सिंचाई किया करते थे। लेकिन उसका पानी आठ किलोमीटर पहले ही रुक जाता है। 15 गांव में जो नहर फैली हुई है वहां पर उसके पानी का निकास नहीं होता है, जिससे किसानों को आए दिन फसल के सूखने और अन्य परेशानियों से जूझना पड़ता है। किसानों ने बताया कि 20 साल पहले नहर में बहुत पानी आता था, जिससे हम खेतों की सिंचाई करते थे।

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फसल की पैदावार भरपूर होती थी। धीरे-धीरे से पीछे से आ रही नहर को तोड़कर उसमें छोटे-छोटे पानी के निकास बना दिए गए, जिसकी ओर सिंचाई विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। मसला यह हो गया कि सात किलोमीटर पहले ही नहर का पानी खत्म हो जाता है। उसके आगे नहर सूखी रह जाती है। इस समय नहर के पानी की आपूर्ति कूल कला गांव तक ही हो पाती है। उसके आगे लगभग 15 गांव तक नहर का जाल बिछा हुआ है, लेकिन पानी वहां से आगे नहीं जा पाता है। मजबूरन लोगों को मोटर पर अपनी खेती करनी पड़ती है।

ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर परेशानी धान की फसल के दिनों में आती है। इसमें पानी की काफी किल्लत हो जाती है। फसल पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो पाती है। क्योंकि गर्मी में बिजली कटौती बड़े पैमाने पर होती है। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि हमारे पास नहर का एक बहुत बड़ा क्षेत है अगर सिंचाई विभाग की तरफ  से उसे अमल में लाया जाए तो 15 गांव के लोगों की सारी समस्या दूर हो जाती है।
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ग्रामीणों ने बताया कि 7 किलोमीटर लंबी और सूखी नहर की मरम्मत व सफाई के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किया जाता है। अगर नहर में पानी नहीं आता है तो सरकार के खजाने से वह पैसा क्यों इस्तेमाल किया जाता है। किसानों ने बताया कि इस बार भी नहर की सफाई आधी अधूरी की गई है। नहर की पटरी लगभग 18 फुट के करीब होती है। उसका भी दुरुपयोग किया जा रहा है। नहर की पटरी पर अतिक्रमण किया जा रहा है। क्षेत्र में दो लिफ्ट इरिगेशन के स्टेशन हैं। वह 15 साल से खराब हैं। अगर नहर का मसला हल नहीं होता है तो उन स्टेशनों को बहाल किया जाए।
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मुझे कार्य भार संभाले हुए अभी दो सप्ताह हुए हैं। इसलिए मैं इस मामले में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं बहुत जल्द इस क्षेत्र का दौरा करूंगा। अगर नहर बनी हुई है उसमें पानी नहीं पहुंच रहा है तो उस पर जरूर विचार विमर्श किया जाएगा। जो भी हल निकलेगा उस पर पूरी काम किया जाएगा। किसानों को सिंचाई की समस्या से बाहर निकालना ही हमारा काम है। -तीर्थ राम, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।

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