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जम्मू हाईकोर्ट ने कहा, शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार, इंफ्रास्ट्रक्टर की कमी बर्दाश्त नहीं

Wed, 26 Dec 2018 10:55 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू हाईकोर्ट - फोटो : फाइल
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जम्मू हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रियासत में स्कूलों के खस्ताहाल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त टिप्पणी की है। डिविजन बेंच ने एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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ऑल जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख टीचर्स फेडरेशन द्वारा स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य मुद्दों पर पीआईएल दायर की गई थी। इसमें कोर्ट से रियासत में स्कूलों इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के संख्या को देखते हुए टीचरों की संख्या बढ़ाने के संबंध में आदेश जारी करने की अपील की गई थी। 

पीआईएल में कहा गया था कि शिक्षा विभाग योजनाबद्ध तरीके से सभी कमियों को दूर करने के लिए चिंतित नहीं है। 24 जुलाई को भी बेंच ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट देने के लिए समय दिया था। लेकिन यह रिपोर्ट दिसंबर में चार बार समय लेने के बाद दी गई। 
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सेकेट्ररी स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट अजित कुमार साहु ने मई 2019 तक प्राइमरी और अपर प्राइमरी सभी स्कूलों में शत प्रतिशत शौचायल, पीने के पानी और बिजली की उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही बताया कि इनके लिए फंड की भी व्यवस्था की जा रही है। 

वहीं रिपोर्ट में बताया कि अगले पांच वर्षों में सभी स्कूलों में चारदिवारी कर सुरक्षित भी कर दिया जाएगा। हालांकि कोर्ट ने रिपोर्ट में बच्चों के किताबों, ड्रेस समेत अन्य मामले शामिल नहीं होने पर सेकेट्ररी को अगली सुनवाई पर पूरी रिपोर्ट के साथ पेश होने के लिए निर्देशित किया है। 
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