जम्मू नगर निगम के गठन के चार साल बाद भी आय के साधन जुटाने में नाकाम रहा है। 125 करोड़ की ग्रांट पर ही नगर निगम निर्भर है। इसमें से 110 करोड़ वेतन सहित अन्य कार्यों पर खर्च हो रहे हैं। शेष 15 करोड़ को ही विकास कार्यों पर लगाया जा रहा है, जो कि 75 वार्ड के लिए नाकाफी है।
2018 में गठन के बाद नगर निगम की ओर से आय के साधन बढ़ाने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए हैं। अन्य स्त्रोतों से नगर निगम की आय करीब 28 करोड़ है। इस राशि 75 वार्डों में विकास होना संभव नहीं है। हर बार हाउस में बजट की डिमांड पार्षद करते हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के हिसाब से राशि नहीं मिल पाती है। ऐसे में वार्डों में विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ पा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से ही शहर में विकास करवाया जा रहा है।
यहां से मिलती है इतनी आय
दुकानों से 86 लाख, प्लैट किराये से 21 लाख, भवन किराये से 48 लाख, सामुदायिक हाल से 30 लाख, गोदामों से 12 लाख, ओपन स्पेस से 34 लाख, एनओसी फीस से 18 लाख, पार्किंग से नौ लाख, रेहड़ी लाइसेंस से 15 लाख, ट्रेड टैक्स से तीन लाख रुपये की आय होती है। इस तरह से 28 करोड़ की आय होती है।
स्मार्ट सिटी परियोजना से चमक रहा शहर
मौजूदा समय में शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ही विकास कार्य हो रहे हैं। इसमें शहर का सौंदर्यीकरण, एलईडी लाइट, तवी रिवर फ्रंट, पुलों को सजावटी लाइटों से सजाने, पार्किंग सुविधा समेत अन्य तमाम कार्य हो रहे हैं।
2018-2019 में हर वार्ड में हुए सिर्फ पांच लाख के काम
2018 से लेकर 2019 तक नगर निगम एक साल में हर वार्ड में सिर्फ पांच लाख रुपये के ही काम करवा पाया था। इससे पार्षदों को काम करवाने में काफी दिक्कत हुई। कई कार्य रुक गए। 2020 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट आरंभ के बाद विकास कार्यों की गति बढ़ी है।
स्वच्छ भारत मिशन से मिला था नालों के लिए बजट
केंद्र के अन्य प्रोजेक्टों जैसे स्वच्छ भारत मिशन के तहत आने वाले बजट से शहर में नाले और अन्य काम निपटाए जा रहे हैं। अभी भी शहर में लोग बीस साल पहले बने रास्तों में चलने को मजबूर हैं। इसके अलावा नालियों की हालत में भी ज्यादा सुधार नहीं हो पाया है।
आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए प्रस्ताव हाउस में लाए जाएंगे। मौजूदा समय में नगर निगम का अपना बजट 28 करोड़ तक पहुंच गया है।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, नगर निगम जम्मू।
जनरल हाउस की बैठक 22 को, हंगामेदार रहने की संभावना
नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक 22 अगस्त को होगी। इस बार तीन माह के लंबे अंतराल के बाद बैठक होने के कारण सदन दो दिनों तक चल सकता है। जनरल हाउस में लोगों की समस्याओं पर मंथन होगा। इसके अलावा पार्षदों द्वारा लाए गए प्रस्तावों पर सहमति के बाद पास किया जाएगा।
अलग अलग विभागों के अधिकारों के माध्यम से समस्याओं का निदान मौके पर करवाया जाएगा। अधिकारियों को भी इसमें आमंत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा पार्षद भी हाउस में वार्डों से संबंधित समस्याओं को रखेंगे और उनका समाधान मांगेंगे। शहर में नाले, नालियां, रास्ते, एलईडी लाइटें, पार्कों की हालत, बिजली और पानी की समस्याएं, सड़कों की खस्ताहाल, चौराहों के नाम बदलने मसलों के समाधान किए जाएंगे। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि 22 को हाउस की बैठक होगी। इसके लिए कार्रवाई पूरी की जा रही है।