अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध के एक माह बाद भी रसोई गैस संकट बना हुआ है। लगभग 25 दिन बाद ही होम डिलीवरी की सुविधा एलपीजी कंपनियां दे रही हैं। इसके साथ ही 30 प्रतिशत ऐसे रसोई गैस कनेक्शन हैं जो एकाएक बंद तालों से निकलकर सामने आए हैं। जिसके बाद रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
आंकड़ों के अनुसार जम्मू डिवीजन में अकेले 1,48769 एलपीजी गैस उपभोक्ता हैं। इसमें बीते दिनों रिजर्व तौर पर 4072 मीट्रिक टन एलपीजी गैस को संकट को देखते हुए रिजर्व रखे जाने की व्यवस्था की गई। खाद्य विभाग के एडिशनल डायरेक्टर हारून ने बताया कि संकट के समय लगभग 30 प्रतिशत ऐसे घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता हैं जिन्होंने अपने काफी समय से प्रयोग में ना लाए जाने वाले कनेक्शन से भी बुकिंग कर ली है। इस तरह लगभग कई उपभोक्ताओं ने आवश्यकता से अधिक रसोई गैस ले ली है जिसका असर दिखाई दे रहा है कि बुकिंग के बाद रसोई गैस की डिलीवरी में 25 दिन से अधिक का समय लग रहा है।
बीते दिनों शासन ने 1.96 लाख रसोई गैस सिलिंडर का स्टॉक बताया था :
शासन की तरफ से संकट से उबरने के लिए पहले ही 1.96 लाख रसोई गैस सिलिंडर का स्टॉक होना बताया था। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा की तरफ से भी पर्याप्त रसोई गैस होने व सप्लाई करने के निर्देश दिए गए थे इसके बाद भी अभी तत्काल स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। किसी किसी उपभोक्ता को 25 दिन से भी अधिक समय से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।