जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने की अपील का असर जम्मू में कम दिख रहा है। हालात ऐसे हैं कि ईवी चार्जिंग का पूरा नेटवर्क खुद डिस्चार्ज है। मोबाइल एप पर कई स्टेशन चालू दिखाई देते हैं लेकिन जब मौके पर वाहन चालक जाता है तो मशीनें बंद मिलती हैं। वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करने के दौरान भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहर में कई चार्जिंग स्टेशन बंद हैं तो कुछ बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में बढ़ते ईवी बाजार और सरकार की हरित ऊर्जा मुहिम के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब चार्जिंग स्टेशन बंद रहेंगे तो इलेक्ट्रिक वाहन आखिर सड़कों पर रफ्तार कैसे पकड़ेंगे।
अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि पनामा चौक स्थित पेट्रोल पंप पर ईवी चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह बंद है। विक्रम चौक स्थित पेट्रोल पंप पर चार्जिंग यूनिट को कपड़े से ढका है। नरवाल ट्रांसपोर्ट नगर और बिक्रम चौक पेट्रोल स्टेशन पर फेम-2 योजना के तहत लगाए स्टेशन शुरू नहीं हो सके हैं। कई जगहों पर यूनिट सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। वाहन डीलरों का कहना है कि कमजोर चार्जिंग नेटवर्क के कारण ग्राहक ईवी खरीदने से पहले सोचने को मजबूर हैं।
बिजली कनेक्शन न मिलने से अटकी योजना
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के सीनियर मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि फेम-2 योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 29 चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें अब तक केवल दो शुरू हो पाए हैं और वो कश्मीर संभाग में हैं। इससे साफ है कि जम्मू शहर में फेम-2 के तहत एक भी स्टेशन चालू नहीं हो सका है। अशोक के अनुसार कई स्टेशन सिर्फ बिजली कनेक्शन और अन्य मंजूरियां न मिलने के कारण बंद हैं।
हर तीसरा स्टेशन ठप, पड़ोसी राज्यों से पिछड़ा प्रदेश
केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच वर्षों में 220 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे। इनमें केवल 140 ही चालू स्थिति में हैं। यानी प्रदेश में हर तीन में से एक स्टेशन बंद या गैर कार्यशील है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 10,401 इलेक्ट्रिक दोपहिया और 904 इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं। इसके बावजूद चार्जिंग नेटवर्क की रफ्तार धीमी है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में भी जम्मू-कश्मीर काफी पीछे है। पंजाब में 698 और हिमाचल में 147 चार्जिंग स्टेशन संचालित हो रहे हैं तो जम्मू-कश्मीर बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है।
कमजोर नेटवर्क से ऑटोमोबाइल कारोबारी भी चिंतित
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने चार्जिंग नेटवर्क की कछुआ चाल पर चिंता जताई है। चेयरपर्सन संजय अग्रवाल ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की रियायतें और टैक्स छूट तो दे रही है लेकिन पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के कारण आम लोग ईवी खरीदने में हिचक रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन और एनसीएपी के तहत सार्वजनिक पार्किंग स्थलों, सरकारी दफ्तरों, पेट्रोल पंपों और प्रमुख राजमार्गों पर युद्धस्तर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।