जम्मू। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नगर निगम पर शिकंजा कसा है। नोटिस जारी करते हुए पिछले छह साल के दरमियान कार्यरत संवाद कर्मियों का ब्यौरा तलब किया है। आरोप है कि कर्मियों को ईपीएफओ के विभिन्न सामाजिक लाभ से वंचित रखा गया है।
केंद्र शासित प्रदेश घोषित होने के बाद नवंबर 2019 में केंद्रीय भविष्य निधि संगठन का कार्यालय खुला था। सूत्रों के मुताबिक ईपीएफओ ने इस बीच कई बार निगम को पत्र लिखकर संविदा कर्मियों की जानकारी मांगी थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
ऐसे में ईपीएफओ ने नगर निगम को नोटिस जारी कर कहा है कि नवंबर 2019 से मौजूदा समय तक कार्यरत संविदा कर्मियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही यह भी बताएं कि इतने साल तक किस कर्मचारी को पीएफ मद में कितनी रकम कब से कब तक दी गई।
बैंक खातों की भी डिटेल मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक ईपीएफओ की सख्ती के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई से बचने के लिए कर्मचारियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। पूर्व में काम करा चुके और मौजूदा समय काम कराने वाले ठेकेदारों से जानकारी मांगी जा रही है। उनसे कर्मचारियों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) मांगा जा रहा है।
संभावित कार्रवाई...
- नगर निगम के बैंक खातों को फ्रीज करने के साथ अटैच करना
- देरी से भुगतान करने पर भारी ब्याज और जुर्माना वसूली
- लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ शिकायत