ललदेद वूमेन वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से शनिवार को जानीपुर में माई बेस्ट फ्रेंड मोबाइल के नाम से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसमें दिखाया गया कि किस प्रकार आज की युवा पीढ़ी मोबाइल को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानती है और इसके किस तरह के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।
नाटक की शुरुआत में एक युवक हाथ में मोबाइल पकड़े और हेडफोन लगाए गए कक्षा में प्रवेश करता है। अंग्रेजी का टीचर विद्यार्थियों को माई बेस्ट फ्रेंड विषय पर निबंध लिखने के लिए कहता है।
जब शिक्षक निबंध को पढ़ते हैं तो पता चलता है कि ज्यादातर विद्यार्थियों ने निबंध में अपना बेस्ट फ्रेंड मोबाइल को लिखा है। शिक्षक यह देखकर हैरान रह जाता है।
शिक्षक विद्यार्थियों से इसके बारे में पूछता है तो और विद्यार्थी जवाब देते हैं कि मोबाइल के जरिए उनको हर तरह की जरूरी जानकारी मिल जाती है। बस एक बटन दबाते ही दुनिया की हर तरह की जानकारी उनके पास होती है।
यह सब मुमकिन मोबाइल फोन से ही हो पाया है। शिक्षक विद्यार्थियों को समझाता और बताता है कि यह सिक्के का एक पहलू है, इसके दूसरे पहलू पर नजर डालो तो पता चलता है कि मोबाइल फोन से कई हानियां भी हैं।
मोबाइल फोन की रेडिएशन से सेहत पर असर पड़ रहा है। हेडफोन के तेज आवाज से कान पर असर पड़ रहा है। ज्यादा इस्तेमाल से आंखें खराब होती हैं।