इंजिनियर राशिद के बेटे खुशी मनाते हुए
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जेल में बंद होने पर बेटों ने संभाली प्रचार की कमान
जेल में बंद होने के चलते उनके दोनों बेटे अबरार और असरार ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ प्रचार की कमान संभाली थी। चुनाव लड़ने के करीब दो सप्ताह के भीतर ही उन्होंने लोगों का भरपूर समर्थन हासिल कर लिया था। उनकी रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। अब लोगों का साथ वोट में भी बदला है। प्रचार के दौरान कश्मीरी में नारे लगे- चून जू, म्यून जू, कैदी नंबर कूनवू। हिंदी में इसका मतलब है कि तेरी जान, मेरी जान, कैदी नंबर 19। कहा जा रहा है कि प्रेशर कुकर पर बटन दबाकर रशीद को तिहाड़ से बाहर निकालने में मदद की जाए।
इंजीनियर राशिद के बेटे
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