मतदान बहिष्कार के आह्वान को दरकिनार करते हुए घाटी में हुए बंपर मतदान से अलगाववादियों के हौसले तो पस्त हुए ही हैं, राजनीति विज्ञानी इसे बड़े बदलाव के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं। साथ ही इसे अलगाववादियों के बॉयकाट पालिटिक्स के अंत होने की शुरुआत भी माना जा रहा है।
पहले चरण के मतदान में मंगलवार को घाटी में जमकर मतदान हुआ। घाटी की पांच सीटों पर लगभग 71.40 फीसदी मत पड़े। गुरेज, बांडीपोरा, सोनावारी, कंगन और गांदरबल में चुनाव बहिष्कार की धमकी के बाद भी कड़कड़ाती ठंड में लोग सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंचे। मतदाताओं की लंबी लाइनें किसी उत्सव की गवाही दे रही थीं।
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार ज्यादा मतदान को राजनीति विज्ञानी आश्चर्यजनक बदलाव का संकेत मान रहे हैं। जम्मू विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. रेखा चौधरी का मानना है कि भारी मतदान से यह साबित हो गया है कि अलगाववादियों की बॉयकाट पालिटिक्स अब अप्रासंगिक होने लगी है।