बीरपुर में अवैध निर्माण ढहाती जेसीबी।
बाडी ब्राहमणा। बीरपुर क्षेत्र के किकड़ी मोड़ इलाके में विवादित जमीन पर चोरी छिपे निर्माण होने के मामले में उपायुक्त की तरफ से कार्रवाई की गई है। निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। उपयुक्त ने इस मामले में ड्यूटी में कोताही बरतने पर तहसीलदार बाडी ब्राह्मणा को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। उपयुक्त की तरफ से इस मामले को लेकर एक आदेश भी जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार बीरपुर में खसरा नंबर 1786/ 579 में दो समूहोें के बीच में विवाद चल रहा है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। भानु प्रताप सिंह तथा रवेन्द्र कुमार के बीच में विवाद है। इसके बाद कोर्ट की तरफ से इस जमीन पर किसी भी प्रकार के काम होने पर पाबंदी लगाई गई है। उपयुक्त सांबा को शिकायत मिली कि इस विवादित जमीन पर चोरी छिपे काम चल रहा है। रवेंद्र कुमार इस जमीन पर चारदीवारी का काम करा रहा है। इसके बाद उपायुक्त की तरफ से तहसीलदार बाड़ी ब्राह्मणा को काम बंद कराने के लिए कहा गया। पता चला था कि शुक्रवार की रात को काम हुआ है, लेकिन तहसीलदार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा कहा गया कि रात को काम हो रहा है। उसके बाद एक बार फिर से निर्माण की शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार को काम बंद कराने के लिए कहा गया, लेकिन तहसीलदार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि इस मामले में डीसी के पास वीडियो आया था। उसके बाद सोमवार को डीसी की तरफ से टीम को भेजकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इसमें कोर्ट के आदेश का पालन कराया गया। उसके बाद इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार केसर महमूद मलिक को निलंबित करके उन्हें डीसी कार्यालय अटैच किया गया है। तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश भी जारी किए गए है। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान तहसीलदार रामगढ़ को बाड़ी ब्राह्मणा का काम देखने का आदेश जारी किया गया।
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राजस्व रिकॉर्ड के तहत रविंदर के पास 2010 में 13 कनाल खरीदी गई जमीन का पूरा रिकॉर्ड है। उसी के तहत ही वह अपना काम करा रहा था, जिस में हम कोई भी दखलंदाजी नहीं दे सकते थे।
-केसर महमूद मलिक, तहसीलदार, बाड़ी ब्राह्मणा