बसोहली। वन विभाग ने वीरवार को एक भवन के निर्माण को वन भूमि पर बताते हुए भवन को ध्वस्त कर दिया। वहीं, मकान के मालिक की शिकायत के आधार पर एडीसी बसोहली तिलकराज थापा ने मामले की जांच बिठा दी है। इसके लिए बकायदा कमेटी का गठन भी किया गया है। कमेटी में तहसीलदार बसोहली, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर बसोहली, सिंचाई विभाग के एईई को सदस्य बनाया गया है। कमेटी वन विभाग द्वारा तोड़े गए मकान का निरीक्षण कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर एडीसी बसोहली को सौंपेंगे। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा ध्वस्त किए गए घर के नुकसान का आकलन भी किया जाएगा। वन विभाग के डीएफओ को भी रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा गया है।
मकान के मालिक कूका राम निवासी मंडला ने बताया कि जिस जगह पर मकान बन रहा है, वह सारी जमीन उनकी है। उनके पास इससे संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं। उन्होंने वन विभाग को मौके पर दस्तावेज दिखाए। इसके बावजूद विभाग ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके कारण उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। इस संदर्भ में मकान मालिक ने लिखित में एडीसी बसोहली को शिकायत दी है और कार्रवाई की मांग की है। वन विभाग के रेंजर नितिन खजूरिया ने बताया कि उनके विभाग के गार्ड ने उन्हें रिपोर्ट दी थी, कि जंगलात भूमि पर घर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे ध्वस्त किया गया है। रेंजर ने बताया कि सितंबर माह में लेटर देखकर इस संदर्भ में चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।