सिंचाई विभाग की जमीन से कब्जा हटाती जेसीबी।
ज्यौड़ियां। खौड़ के अंतर्गत गांव रखमलाल के नजदीक प्रताप नहर के तट पर गांव रखमलाल निवासी मगां राम ने सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर रखा था। उसने लोहे के खोखे का निर्माण कर रखा था। विभाग की टीम ने वीरवार को उसका कब्जा हटाते हुए जमीन मुक्त कराई। इस दौरान जेसीबी से खोखा ध्वस्त कर दिया गया। सिंचाई विभाग के मुताबिक मगां राम ने खोखे का निर्माण रातोंरात किया था।
प्रताप नहर के तट पर सिंचाई विभाग की जमीन है। आरोप है कि उस पर मगां राम ने कब्जा कर लिया। उसने यहां पर अस्थायी तौर पर लोहे का खोखा में भी बना रखा था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तहसीलदार सुदेश कुमार शर्मा से इसकी शिकायत की और साथ ही मौके पर पहुंच कर मगां राम को खोखा हटाने के निर्देश दिए। मगां राम ने उस जमीन को अपनी बताते हुए दस्तावेज सिंचाई विभाग तथा तहसीलदार को दिखाए। मगां राम का कहना था कि जिस जमीन पर उसने खोखे का निर्माण किया है वह उसकी खरीदी हुई है, जिसकी रजिस्ट्री भी उसके पास है।
सिंचाई विभाग के एई संजीव चौधरी ने बताया कि दस्तावेज की बात सामने आने पर सिंचाई विभाग की तरफ से उस जमीन की रजिस्ट्री तथा जमीन की जांच की, जिसमें उक्त जमीन सिंचाई विभाग की पाई गई और जिसको देखते हुए हमने मगां राम को बुधवार को खोखे को खुद हटा लेने के निर्देश दिए, लेकिन मगां राम ने वीरवार सुबह दस बजे तक का समय मांगा, लेकिन दस बजे तक मगां राम की तरफ से खोखा नहीं हटाने पर हमने खोखे को हटा दिया। इस मौके पर तहसीलदार खौड़ सुदेश कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। तहसीलदार के अनुसार यह मामला सिंचाई विभाग का है। सिंचाई विभाग की तरफ से दस्तावेजों की पूरी जांच करने के पश्चात वह जमीन सिंचाई विभाग की पाई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए खोखे को मेरी मौजूदगी में हटा गया।
मगां राम ने बताया कि मैं तो ठगी का शिकार हो गया। विभाग के अनुसार मैं आज खुद ही खोखे को हटा रहा था, लेकिन विभाग की टीम ने पहुंच कर खोखे को मशीन से हटा दिया, जिससे मेरा काफी नुकसान हुआ है । विभाग तथा प्रशासन को देखना चाहिये था कि अगर मैं खुद हटा रहा था तो इतना नुकसान करने की क्या जरूरत थी।