जम्मू। शहर में मौजूदा समय में 10 हजार से ज्यादा घर और दुकानें अवैध हैं। इनमें से कई का निर्माण नियमों का ताक पर रखकर किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाया जाएगा। जिसके लिए निगम की ओर से विभागीय जांच जारी है और उसी के तहत कार्रवाई हो रही है। यह बात नगर निगम के इन्फारसमेंट विंग के संयुक्त आयुक्त हितेश गुप्ता ने स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि शहर में कई जगह घरों के व्यवसायिक प्रयोग की शिकायतें मिली हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर के जीर्णोद्धार, विकास और सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया जारी है। लेकिन प्रक्रिया की राह में अतिक्रमण और निमयों को ताक पर रख कर किए गए निर्माण रोडा बन रहे हैं। इसके लिए निगम सख्त हो गया है। प्रशासनिक आदेश के बाद निगम ने जहां शहर को व्यवस्थित करने, जाम को कम करने सहित फुटपाथ सुविधा के लिए येलो लाइन प्रक्रिया भी शुरू की है। इसी कड़ी के तहत अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है। शहर में करीब 10 हजार से ज्यादा घर और दुकानें अवैध हैं या उनका नियमों को ताक पर रख कर निर्माण किया गया है। अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से विभागीय जांच जारी है। रिकार्ड में नक्शा पास करवाने, जमीन, कितने मंजिला भवन समेत अन्य जरूरी निर्देशों पर काम किया गया है। शहर में आवासीय परिसर को व्यावसायिक प्रयोग में लाने की करीब चार सौ से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जिन पर काम शुरू हो गया है।
कई भवनों में एक या दो मंजिल के लिए नक्शा पास है, लेकिन तीसरी मंजिल भी बनाई गई हैं। साथ ही एक कमरे की जगह तीन का अवैध रूप से निर्माण किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके लिए विभागीय कार्रवाई पूरी कर ली गई है। स्टे मामलों में भी कोर्ट से संपर्क किया जाएगा।
बड़ी इमारतों को तोड़ना होगा आसान
शहर में बड़ी इमारतों को तोड़ने नगर निगम के लिए चुनौती नहीं बनेगा। पांच हाइड्रिक क्रेन का आर्डर दिया है। अगले माह तक क्रेन एमसी के पास पहुंचेंगी। बहुमंजिला यानी चार से पांच मंजिला अवैध इमारतों को तोड़ने का कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में मजबूरन सील करना पड़ता था।
हजारों घर नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए हैं। सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके लिए टीमें काम कर रही हैं। यह सब स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहा है।
- हितेश गुप्ता, संयुक्त आयुक्त इन्फारसमेंट विंग, नगर निगम जम्मू