रिहायशी इलाकों में सुरक्षा के लिए बढ़ी चिंता, स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई की मांग की
विशाल जसरोटिया
सांबा। शहर के मुख्य रिहायशी इलाकों, खासकर बीएसएनएल कार्यालय के पास खाली प्लॉट पर इन दिनों घुमंतु परिवारों ने झोपड़–पट्टियां लगाकर डेरा जमाया हुआ है। बिना अनुमति और सत्यापन के बस रहीं इन अस्थायी बस्तियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्दी में चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई जगह दुकानों व घरों में चोर सेंध लगा चुके हैं। जम्मू-कश्मीर सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील है। आतंकवाद और हेरोइन तस्करी एक बड़ी चिंता है। ऐसे में बाहरी लोगों की पहचान व सत्यापन सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।
पहचान व सत्यापन के बाद रहने की दी जाए अनुमति
सांबा निवासी रमेश कुमार ने बताया कि हम किसी को यहां से भगाने या परेशान करने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन इलाके में बिना पहचान के रहना ठीक नहीं। रात को चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिए इन अज्ञात लोगों की वेरिफिकेशन करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अंकुश महाजन ने बताया कि बीएसएनएल ऑफिस के पास रातोंरात कई टेंट लगा लिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास पहचान का कोई दस्तावेज तक नहीं है। देवेंदर सिंह का कहना है कि ये लोग मेहनत-मजदूरी करने वाले भी हो सकते हैं, लेकिन शहर की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसलिए सत्यापन जरूरी है। प्रशासन को पूरी जांच करानी चाहिए। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इन अस्थायी डेरों की तुरंत जांच की जाए और सभी घुमंतू लोगों का पहचान सत्यापन कराया जाए।
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इलाके में बिना अनुमति अस्थायी रूप से रह रहे लोगों की पहचान सत्यापित की जाएगी। पुलिस टीम जल्द मौके पर जाकर इन झोपड़ियों में रह रहे लोगों की जांच करेगी। यदि कोई बिना दस्तावेज के पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। लोगों से भी अपील की है कि वे अपने प्लॉट खाली न छोड़ें। अगर किसी के प्लॉट में कोई बाहरी व्यक्ति रह रहा है तो उसकी पड़ताल अवश्य करें।
पुष्पेंदर सिंह, थाना प्रभारी, सांबा