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पांपोर में तीसरे दिन भी मुठभेड़ जारी, 5 जवान शहीद

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पांपोर में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच शनिवार शाम को शुरू हुई मुठभेड़ रविवार को भी जारी रही। रविवार को सेना के दो कैप्टन और एक जवान शहीद हो गए। दो जवान शनिवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में शहीद हुए थे।
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अब तक इस मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि शनिवार को एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। ऑपरेशन के दौरान रविवार को सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को भी मार गिराया। आतंकियों की संख्या 3-4 बताई जा रही है।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक ईडीआई इमारत की पहली और दूसरी मंजिल को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि तीसरी और चौथी मंजिल में अभी भी तीन से चार आतंकी छुपे हुए हैं।
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उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) की जिस इमारत में आतंकियों ने पनाह ले रखी है, उसमें रविवार दोपहर आग लग गई। सैन्य अधिकारी के अनुसार जवानों ने जब इमारत में घुसने का प्रयास किया तो आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान सेना की 10 पैरा के युवा कैप्टन पवन कुमार (जिंद, हरियाणा) गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

पांपोर एनकाउंटर का वीडियो-

इमारत में फंसे आतंकी, मुठभेड़ जारी

बाद में उपचार के दौरान अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। कैप्टन पवन के अलावा पैरा यूनिट का जवान ओम प्रकाश भी गोली लगने से जख्मी हो गया। उसे तत्काल बादामीबाग स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।

देर शाम 26 वर्षीय कैप्टन तुषार महाजन (निवासी उधमपुर) भी आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। कैप्टन तुषार ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। मारे गए आतंकी की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

गौरतलब है कि शनिवार शाम आतंकियों के गुट ने सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के दो जवान शहीद हो गए थे जबकि नौ घायल हो गए थे। हमले के बाद आतंकी भागकर पास की ईडीआई की इमारत में घुस गए थे।
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आतंकियों के खात्मे के ल‌िए ली जा रही ड्रोन की मदद

इमारत में मौजूद 100 से ज्यादा नागरिकों (इनमें छात्र और स्टाफ सदस्य थे) को तीन घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि आतंकी ऊंचाई पर हैं और सुरक्षा बलों पर लगातार फायरिंग कर रहे हैं।

इससे सुरक्षा बलों को इमारत में घुसने में भी समस्या आ रही है। आतंकियों के पास भारी गोला बारूद होने की आशंका है। देर रात सुरक्षा बल इमारत की दूसरी मंजिल तक पहुंच गए थे। जबकि आतंकी चौथी मंजिल पर डटे हुए हैं। इस बीच सेना ड्रोन की मदद भी ले रही है।

शनिवार को शहीद होने वाले सीआरपीएफ कर्मियों को हुमहामा कैंप में श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर स्पेशल डीजी एसके भगत ने शहीदों को पुष्प अर्पित किए। उसके बाद जवानों के शव उनके पैतृक निवास के लिए रवाना किए गए।
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