सुरक्षा एजेंसियां लगातार किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। इसी वजह से पिछले सात महीनों में इस क्षेत्र में छह बार मुठभेड़ हो चुकी हैं।
21 सितम्बर को छात्रू इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी, जबकि 13 सितम्बर को नायडग्राम क्षेत्र में हुई झड़प में दो सैनिक बलिदान हुए थे, जिनमें एक जूनियर कमीशंड अधिकारी भी शामिल था।
11 अगस्त और 2 जुलाई को डुल और छात्रू इलाकों में भी मुठभेड़ हुई थी, हालांकि आतंकवादी उस समय भागने में सफल रहे थे। इससे पहले 22 मई को छात्रू के सिंगपुर इलाके में एक जवान बलिदान और दो आतंकी ढेर हुए थे।
12 अप्रैल को भी किश्तवाड़ इलाके में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जबकि सेना ने उसी दौरान अखनूर सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।