सरकार द्वारा एसआरओ 59 आफ 1990 का लाभ कर्मचारियों को न देने पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने जिला सचिवालय में सरकार विरोधी नारेबाजी की।
नारेबाजी कर रहे कर्मचारियों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर उनकी मांग 15 दिनों में पूरी नहीं की गई तो कर्मचारी या तो कोर्ट का रुख करेंगे या फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए पीईईयू के प्रांतीय प्रधान पीसी शर्मा ने कहा कि 1990 में सरकार ने एसआरो 59 निकला जिसके तहत कर्मचारियों को वन स्टेप प्रमोशन दिया जाना था लेकिन सरकार ने यहां भी भेदभाव वाली नीति को जारी रखा।
श्रीनगर में सभी कर्मचारियों को एसआरओ का लाभ दे दिया लेकिन जम्मू में किसी भी कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया गया है।
अब तक सभी कर्मचारियों ने सरकार से इसका लाभ देने के लिए मांग की है और कहा है कि जल्दी से जल्दी कर्मचारियों को वन स्टेप प्रमोशन दिया जाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने हर बार कर्मचारियों की मांग को दरकिनार कर उनका शोषण किया है। प्रदर्शनकारियों में शामिल कावला सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने तानाशाही और भेदभाव की नीतियों को बढ़ावा दिया है।
कर्मचारी वर्ग के बारे में नहीं सोचा लेकिन अगर अब सरकार ने उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो वह उग्र रुख अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्ग के कर्मचारियों द्वारा सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम है।
अगर सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो न्यायालय के साथ हड़ताल पर जाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस मौके पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी सरकार को कोसा।