अरनिया में आतंकवादी हमले के बाद मतदान पर कोई असर न पड़े इसको लेकर चुनाव आयोग आपात योजना लागू करने की तैयारी में है। योजना के अंतर्गत जम्मू जिले में सीमा से सटे इलाकों खासतौर से पाकिस्तानी गोलाबारी की रेंज में आने वाले इलाकों के करीब 125 मतदान केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सकता है।
आयोग के सूत्रों के अनुसार अरनिया में आतंकवादी हमले के पहले ही आयोग की ओर से ऐसे हमलों या फिर पाक की तरफ से कोई नापाक हरकत के मद्देनजर आपात योजना को तैयार कर लिया गया था।
योजना के अंतर्गत करीब 125 मतदान केंद्रों को सीमा पार से होने वाली किसी भी नापाक हरकत के बाद सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे के बाहर शिफ्ट किया जाना है। अरनिया में आतंकवादी हमले के बाद आयोग ने आपात योजना के बारे में जिला चुनाव अधिकारी और एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है।
रियासत के सहायक चुनाव अधिकारी जय कुमार का कहना है कि अरनिया में आतंकवादी हमला गंभीर मामला है लेकिन जम्मू जिले में चुनाव बीस दिसंबर को होने है। आपात योजना को लेकर जिला चुनाव अधिकारी और पुलिस के संबंधित अधिकारी की सिफारिश के बाद ही आखिरी फैसला लिया जाएगा।
उधर, शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए अर्धसैनिक बलों के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस भी बुलाई गई है। जम्मू पुलिस हेडक्वार्टर के अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, सिक्किम, नागालैंड की पुलिस पहुंच चुकी है, जो जेएंडके पुलिस के साथ मिलकर चुनाव की सुरक्षा देखेंगी।