27 दिनों में जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदल पाया विभाग, पड़ोसी फीडरों से दे रहा बिजली
विभाग के लचर रवैये से नाराज रेईयां गांव के लोगों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के रेईयां गांव में बिजली के पावर स्टेशन में स्थापित 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर 20 मई को जल गया था, जिसे आज तक नहीं बदला गया। विभाग ने प्रभावित एक दर्जन गांवों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दूसरे फीडरों से जोड़ दिया है, लेकिन घरों में वोल्टेज कम मिल रहे हैं। विभाग की इस कोताही से नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग व उपराज्यपाल शासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
स्थानीय निवासी विजय सिंह, शिव देव, गिरदारी लाल शर्मा, राजेश्वर सिंह, आशा देवी, बबली देवी, आदि ने कहा कि 27 दिनों से उनके पावर स्टेशन पर ट्रांसफार्मर जल गया है। लेकिन, विभाग ने इस पर कोई उचित कदम उठाया नहीं उठाया। इससे एक दर्जन गावों के लोगों को परेशानी हो रही है। किसानों ने धान की पनीरी की बीजाई कर दी है। अब पानी की जरूरत है। लेकिन, बिजली न होने से पंपसेट बंद पड़े हैं। ऐसे ही चलता रहा तो पनीरी भी नष्ट हो जाएगी। दिन-प्रतिदिन बढ़ रही गर्मी से लोगों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। तब जाकर इस प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर को नहीं बदला गया तो लोग हाईवे बंद कर धरना देंगे।
प्रभावित गांवों को पहले से ओवरलोड फीडरों से मिल रही बिजली
जिले में रेईयां के पावर स्टेशन में जले 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर से एक दर्जन गावों प्रभावित हैं। बिजली विभाग ने इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। बिजली का ट्रांसफार्मर जलने पर विभाग ने पंजटीला, खनवाल, कैंक, पंजटीला कैंप, रेईयां, सदोह, थली गावों को रैपर फीडर के साथ जोड़ा है। वहीं, मावा, मावा कैंप, रिगाल और मदवाल गावों को राजपुरा फीडर के साथ जोड़ा गया है। भारत-पाकिस्तान सीमा की चार पोस्टों को बैनगलाड फीडर के साथ जोड़ा गया है। उक्त सभी फीडर पहले से ही ओवर लोड चल रहे हैं। ऐसे में उक्त गांवों के लोगों तक काफी कम वोल्टेज पहुंच रहे हैं। इससे उनके बिजली के उपकरण नहीं चल पा रहे। ग्रामीणों के अनुसार उनके फ्रिज तक जवाब दे गए हैं।
भार आधा, फिर भी परेशानी ज्यादा
रेईयां में 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर वर्ष 2016 में लगाया गया था। यह ट्रांसफार्मर तब से तीन बार जल चुका है। इसके स्थान पर पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर भी लगाया गया। वह भी दो बार जल गया। वैसे इस ट्रांसफार्मर की क्षमता 400 एंपियर है। यह खपत से दो गुना ज्यादा है। इस पावर हाउस से तीन न्यू मावा, रेईयां और बीएसएफ फीडर चलते हैं, जिन्हें मात्र दो सौ एंपियर की जरूरत होती है। भार आधा होने पर भी ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है।
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हर वर्ष भार बढ़ता जा रहा है। कई बार गर्मी में हवा चलने से तार आपस में टकरा जाते हैं, और ट्रांसफार्मर जल जाता है। साथ ही बिजली गिरने से भी ट्रांसफार्मर जल जाता है। मैंने विभागीय अधिकारियों को समस्या के बारे में बता दिया है। चार सौ एंपियर की क्षमता वाला ट्रांसफार्मर जम्मू में नहीं है। इसलिए, श्रीनगर से इसे मंगवाया जा रहा है। उसके आते ही लोगों की समस्या दूर हो जाएगी।
- संजय कुमार, जेई, बिजली विभाग, सांबा