बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में भी गर्मी की वजह से स्थिति बहुत खराब है। स्टेशन बमुश्किल से ठंडा पानी मिल रहा है। पंखे दम भर रहे हैं। रिटायरिंग रूम भी उपलब्ध नहीं है।
शहर के कुछ पांच - दस प्रतिष्ठित होटलों को छोड़ दें तो होटलों और सभाओं में गर्मी से लोग बेहाल है। होटल वाले एसी कमरे भी उपलब्ध करवा रहे हैं, जोकि बिजली से कम और जनरेटर पर ज्यादा चल रहे हैं।
करीब सवा माह पहले बीसी रोड के एक होटल में मध्य रात्रि को बिजली का लोड ज्यादा होने की वजह से स्पार्किंग हो गई थी, जिससे होटल में भयंकर आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई थी। और दस बुरी तरह से झुलस गए थे।
कई दिनों से नहीं मिल रहा बिजली और पानी
बिजली और पानी की कटौती ने शहर में त्राहि - त्राहि मचाकर रख दी है। लोगों का बुरा हाल हो गया है। कुछ इलाकों में तो 24-24 घंटे तक बिजली पानी नहीं आया है लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
लोगों को खासी मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है। गर्मी से लोग बेहाल हो गए हैं। शहर के सबसे पॉश इलाके गांधीनगर, त्रिकुटानगर, सैनिक कालोनी, छन्नी हिम्मत और तालाब तिल्लो सहित अन्य कई इलाकों में बिजली का बहुत मंदा है।
बिजली नहीं ने की वजह से लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में पलायन कर रहे हैं। यही नहीं, कुछ रईस लोग पिछले कुछ दिनों से ठंडे इलाकों में इस उम्मीद से घूमने निकल गए हैं कि उनके आने तक शायद बिजली के ढांचे में सुधार हो सके और वे अपने घरों में रह सकेंगे।
बिजली - पानी का हाहाकार राजनीतिक दलों ने भी काफी उठाया है लेकिन समस्या काफी बड़ी होने के कारण सरकार और पीडीडी विभाग समाधान नहीं ढूंढ पा रहा है।
गर्मी के कारण मर रहे लोग
लोग गर्मी में मर रहे हैं। बीसी रोड, गंग्याल, बस स्टैंड, तालाब तिल्लो, राजिंद्र पार्क सहित अन्य इलाकों में अज्ञात लोग मृत मिले हैं। जिनकी संख्या एक माह में पंद्रह से बीस के करीब पहुंच गई है।
पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध मौत का केस दर्ज किया गया है, लेकिन प्राथमिक दृष्टि से उनकी मौत ज्यादा गर्मी के कारण हुई मानी जा रही है।
शहर के बड़े अस्पतालों में गवर्नमेंट मेडिकल कालेज, अस्पताल बख्शीनगर, सरवाल अस्पताल, गांधीनगर अस्पताल और एसएमजीएस अस्पताल शामिल है।