- 25 साल से दे रहा था सेवाएं, चार साल पहले हुआ था नियमित
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/दोमाना। बिजली कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के मौत का ग्रास बन रहे हैं। जानीपुर में ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग करते समय एक कर्मचारी को करंट लग गया। इससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी दो कर्मचारियों की करंट लगने से मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, राजिंदर सिंह (48) निवासी देहारण मरजाली (कानाचक) सोमवार दोपहर करीब 12 बजे ट्रांसफार्मरों की टेस्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद जमीन पर गिर गए। इस दौरान आसपास का स्टाफ एकत्रित हुआ और उन्हें जीएमसी में पहुंचाया। यहां पर चेकअप के बाद कर्मी मृत घोषित कर दिया गया। मौजूदा समय में कर्मचारी नियमित रूप से सेवाएं दे रहा था। सुबह दस बजे ड्यूटी पर आने के बाद ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम शुरू हुआ। मरम्मत के बाद कर्मचारी की ड्यूटी टेस्टिंग करने में लगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारी बीते 25 सालों से काम कर रहा है। चार साल पहले ही नियमित हुआ था। बिजली कारपोरेशन ने करंट लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सहकर्मियों पर लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजन ने सहकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। राजिंदर के भाई वरिंदर सिंह ने कहा कि शटडाउन लेने के बाद भी करंट कैसे लगा। यह लापरवाही का मामला है। जानीपुर पुलिस मामले मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। राजिंदर के दो बच्चे हैं। उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन के हवाले कर दिया गया है। मंगलवार दोपहर 12 बजे बाबा तालाब में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वर्ष माैत कर्मी
2022 5
2023 3
2024 4
2025 3
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करंट लगने के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कारपोरेशन को उचित प्रबंध करना चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए।
- अखिल शर्मा, अध्यक्ष, जेकेपीडीडी वर्कर्स यूनियन
करंट लगने से कर्मचारी की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कहां पर लापरवाही हुई है, इसकी जांच की जा रही है।
- अवनीत गुप्ता, एक्सइएन, बिजली कारपोरेशन
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करंट लगने से हो चुकीं 120 से ज्यादा माैत
प्रदेशभर में 2001 से अब तक 120 के करीब कर्मचारियों की करंट लगने से मौत हुई है। सबसे ज्यादा मामले बरसात में सामने आए हैं। हर साल औसतन तीन से चार कर्मचारियों की करंट लगने से मौत होती है। इससे पहले बिश्नाह, डोडा सहित अन्य इलाकों में मामले सामने आ चुके हैं।