विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस और भाजपा में फिलहाल प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हो पाए हैं। जबकि नेकां और पीडीपी के अधिकतर प्रत्याशियों के नाम पहले ही तय कर चुके हैं। दोनों राजनीतिक दलों ने जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है। भाजपा की ओर से जल्द सूची फाइनल कर लेने की बात कही जा रही है, पर पार्टी के सूत्रों की मानें तो जिला कठुआ और जम्मू की कुछ सीटों पर नेतृत्व प्रत्याशियों के नाम फाइनल नहीं कर पा रहा है।
कठुआ, बिलावर, बसोहली, बनी जैसी सीटों के लिए जोड़तोड़ तेज है। कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व सांसद लाल सिंह वसोहली से लड़ना चाहते हैं, लेकिन, पार्टी का एक मजबूत धड़ा इसका विरोध कर रहा है। बताया जा रहा है कि लाल सिंह पत्नी के लिए भी टिकट चाहते हैं। चुनाव में भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा सबसे अहम है। मोदी लहर के बूते नाव पार लगाने की जुगत में जुटी भाजपा ने इस बार मिशन 44 प्लस का सपना पाल रखा है।
कांग्रेस में भी स्थिति कुछ बहुत अच्छी नहीं
वहीं, कांग्रेस में भी स्थिति कुछ बहुत अच्छी नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के गुटों में टिकटों के लिए लाबिंग तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जम्मू में कांग्रेस के कुछ पूर्व पार्षद पार्टी आलाकमान से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। टिकट न मिलने पर असहमत पार्षद दूसरे राजनीतिक दलों की ओर रुख कर सकते हैं। कांग्रेस को सरकार की उपलब्धियों पर भरोसा है।
बाढ़ की तबाही के बाद नेकां को घाटी में चुनौतियां झेलनी पड़ रहीं हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित पीडीपी को इस बार भी चमत्कार की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव में पीडीपी और भाजपा को तीन-तीन सीटें मिलीं थीं। कांग्रेस और नेकां का सूपड़ा साफ हो गया था। लोकसभा चुनाव में 36 प्रतिशत मत हासिल कर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
शुरु हुआ रणनीतियों का दौर
उधमपुर, जम्मू और लद्दाख में जीत के बाद भाजपा उत्साहित है। इन तीन संसदीय क्षेत्रों में विधानसभा की 41 सीटे आती हैं। इस पर भाजपा का ज्यादा जोर है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी महसूस करता है कि जम्मू कश्मीर के सियासी समीकरण के मद्देनजर अपने बूते सरकार बनाना की राह ज्यादा मुश्किल है। लिहाजा, कश्मीर में पीपुल्स कांफ्रेंस जैसे छोटे दल पर डोरे डाले जा रहे हैं। साथ ही अंदरखाते पीडीपी और नेकां से भी दोस्ती बढ़ाई जा रही है।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में सोमवार को अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें जम्मू प्रांत के सभी प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाई जाएगी। बचे हुए प्रत्याशियों पर भी चर्चा होगी। नेकां के प्रांतीय सचिव शेख बशीर अहमद ने बताया कि जम्मू प्रांत की 37 सीटों में से 31 पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं।
अन्य की शीघ्र घोषणा कर दी जाएगी। सोमवार को बुलाई जा रही बैठक में घोषित हुए सभी प्रत्याशियों के साथ पार्टी के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। बैठक सुबह दस बजे होना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाकर काम किया जाएगा।