राजनीतिक दलों की रैलियां सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए इस्तेमाल किए गए कंटीले तार अब हादसों को न्योता दे रहे हैं। तारों में उलझ कर लोग घायल हो रहे हैं। कई वाहन भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। चुनाव में बड़ी रैलियां अधिकतर बस स्टैंड और खेल मैदानों में ही आयोजित हुईं।
यहां मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा के लिए कंटीले तार का इस्तेमाल किया गया। रैलियां खत्म होने के बाद तारों को नहीं हटाया गया। आरएस पुरा, कठुआ, सांबा, विजयपुर, राजोरी, पुंछ, बिश्नाह, उधमपुर आदि जगहों पर यहां बड़े राजनीतिक दलों की रैलियां हुईं। वहां पर से तार नहीं हटाए गए।
दरअसल, इन स्थलों पर रात के समय अंधेरा रहता है। इसकी वजह से लोग तार देख नहीं पाते और उलझकर घायल हो जाते हैं। शहर के एमए स्टेडियम के बाहर भी कंटीले तार लगाए गए थे, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है। यहां आने जाने वाले लोग अकसर इसमें उलझ जाते हैं।
जम्मू के उपायुक्त अजित कुमार साहू ने इस बारे में कहा कि एमए स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के मद्देनजर अभी तार नहीं हटाए गए हैं। रही बात बाकी जगहों की तो वहां से तार हटाने के लिए तुरंत आदेश जारी किया जाएगा। एक दो दिन में सब जगह से तार हटा लिए जाएंगे।