जम्मू। एक तरफ खेतों में खड़ी गेहूं की फसल तो दूसरी तरफ लोकतंत्र का महापर्व। इस मौके पर ग्रामीणों ने अपने दोनों जिम्मेवारियों को बखूबी निभाया। पहले मतदान केंद्रों में जाकर अपना लोकतांत्रिक कर्तव्य निभाया और इसके बाद फसल को कटाने और समेटने में लगे रहे। यही कारण था कि नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांव बजातला, चक लरगान, सुरिंसर, बम्याल में ग्रामीणों में सुबह सात से नौ बजे तक मतदान को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह दिखा।
शहर से करीब 20 किमी दूर बजालता सरकारी स्कूल में दो मतदान केंद्र बने हुए थे। बजालता-सी पोलिंग बूथ पर 765 वोटर थे, जबकि बजाला-सी में 673, सुबह 11 बजे तक 50 प्रतिशत मतदान हो चुका था। ऐसे ही स्थिति चक लरगान पोलिंग बूथ पर रही। यहां 659 वोटर थे सुबह 11 बजे तक 55 प्रतिशत मतदान हो गया था। इन दोनों गांवों में गेहूं की फसल तैयार है और खेतों में खड़ी है। लोग फसल की कटाई में लगे हुए हैं। ऐसे में लोगों ने सुबह सात से नौ बजे के बीच में मतदान करने के बाद गेहूं की कटाई व रोजमर्रा के कामकाज में जुट गए थे। 11 बजे के बाद इक्का-दुक्का लोग ही मतदान केंद्र में पहुंच रहे थे। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह काफी ज्यादा दिखा। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पर पहुंचे। नगरोटा के बम्याल गांव में ऐसा ही दृश्य रहा। गांवों के लोगों में मतदान को लेकर उत्साह रहा।
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सिदड़ा मिडिल स्कूल में पोलिंग बूथ पर लगी लंबी कतारें
-इसके साथ आशा, प्रभा, विद्या देवी और सुदेश कुमारी का फोटो है।
जम्मू उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सिदड़ा में मतदान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। गवर्नमेंट मिडिल स्कूल सिदड़ा में दो पोलिंग बूथ बने थे। सिदड़ा-ए पोलिंग बूथ पर 1333 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि सिदड़ा बी में 651। दोनों मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से ज्यादा दिखी। पहली बार मतदान करने आए मतदाताओं में तो उत्साह अलग ही था। महिला मतदाता आशा रानी ने कहा कि पांच साल बाद चुनाव हो रहे हैं। चुनाव को लेकर उत्साह तो रहता है। स्थायी सरकार बने, सांसद लोगों की समस्याओं का समाधान करें यही सोच पर अपना वोट दिया है। एक अन्य महिला मतदाता प्रभा ने कहा कि सभी लोगों को मतदान जरूर करना चाहिए। 82 साल की विद्या देवी अस्वस्थ थीं, लेकिन मतदान केंद्र में पहुंची हुई थीं। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि इनकी इच्छा थी की मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान करें। महिला मतदाता सुदेश कुमारी ने कहा कि राजनेता वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद दिखते नहीं हैं।