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Election 2024: महबूबा मुफ्ती का आरोप- पीडीपी को कई इलाकों में प्रचार की नहीं मिली इजाजत

Tue, 07 May 2024 04:57 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को युवाओं से वोट देने और नई दिल्ली को यह बताने का आग्रह किया कि अगस्त 2019 में लिए गए फैसले जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अस्वीकार्य हैं।
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि उन्हें कई इलाकों में प्रचार के लिए जाने की इजाजत नहीं दी गई। त्राल में प्रेस को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि वह कई इलाकों में जाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्हें नहीं पता ऐसा क्यों हुआ।

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महबूबा ने कहा कि त्राल में लोगों ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार में उन्होंने त्राल में लोगों का साथ मिलेगा। महबूबा ने कहा कि जब बहुत मुश्किल हालात थे, तो हिंसा से पीडीपी ने यहां के लोगों को बाहर निकाला था।

वहीं, चुनाव आयोग की तरफ से जारी नोटिस से जुड़े जवाब में महबूबा ने कहा कि उन्होंने बच्ची का वीडियो अपलोड नहीं किया है। बच्ची अपनी मां के साथ उनसे मिलने आई थी, उन्होंने अपने प्लेटफार्म पर उस वीडियो को साझा नहीं किया है।
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वाहिद पर्रा को करना पड़ा कई चुनौतियों का सामना

श्रीनगर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे पार्टी के युवा नेता वाहिद पर्रा के पक्ष में प्रचार करते हुए कहा, 'वह अगस्त 2019 के बाद कश्मीरी युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के प्रतीक हैं। उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।'

दक्षिणी पुलवामा में एक रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से आग्रह किया कि वे अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यों के लिए नई दिल्ली को वोट देकर जवाब दें।

उन्होंने युवाओं से श्रीनगर संसदीय क्षेत्र के लिए पीडीपी के उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की और कहा कि उनकी आवाज को उचित तरीके से संबोधित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मौजूदा लोकसभा चुनाव बिजली लाने या बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने या सत्ता में रहने के लिए विधायक बनने की दौड़ नहीं है, बल्कि यह वोट के माध्यम से नई दिल्ली को जवाब देने और अगस्त 2019 में लिए गए अपने फैसलों को बताने का मौका है। जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अस्वीकार्य हैं, जिन्हें उलटने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि अगस्त 2019 के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर को जेल में बदल दिया गया है और युवा सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। कहा, 'युवाओं को पुलिस स्टेशनों में बुलाया जा रहा है और बाद में जम्मू-कश्मीर के बाहर की जेलों में बंद कर दिया गया। यह सब हमारे लिए अस्वीकार्य है। हमें वोटों के माध्यम से इस दृष्टिकोण का जवाब देना होगा ताकि हमारे प्रतिनिधि संसद तक पहुंचें और हमारी वास्तविक चिंताओं को उजागर करें।'

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