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श्रीनगर-अनंतनाग लोकसभा सीटों पर चुनाव टलना तय

Fri, 28 Oct 2016 07:49 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
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kashmir - फोटो : PTI
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कश्मीर हिंसा का असर अनंतनाग लोकसभा सीट के उपचुनाव पर भी पड़ना तय हो गया है। दिसंबर से पहले प्रस्तावित चुनाव टलने के आसार हैं। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस बाबत विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के जुलाई महीने में अनंतनाग लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद छह महीने के भीतर चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है। ऐसे में दिसंबर से पहले चुनाव हो जाना चाहिए। अनंतनाग सीट में दक्षिणी कश्मीर के चार जिले आते हैं जो कश्मीर हिंसा में सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं।

ऐसे में इन इलाकों में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। राज्य सरकार को अंदेशा है कि ऐसे हालात में चुनाव कराए जाने से मतदान पर हिंसा का असर साफ दिखेगा। इसलिए राज्य सरकार ने आयोग को पत्र लिखकर चुनाव टालने का आग्रह किया है। 
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चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी

भारतीय निर्वाचन आयोग - फोटो : FILE PHOTO
सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार के आग्रह पर चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। इसमें राजनीतिक दलों की राय भी शामिल करनी है। सीईओ कार्यालय से संबंधित जिलों के डीसी से मिली रिपोर्ट के आधार पर कंपाइल रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि पीडीपी सांसद रहे तारिक हमीद कर्रा के इस्तीफा देने के बाद श्रीनगर की सीट भी खाली हो गई है। ऐसे में दोनों सीटों के लिए सर्दी के बाद मार्च में एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। छह महीने से अधिक समय के बाद चुनाव कराए जाने पर राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी करने की भी बाध्यता है।

सीईओ शांतमनु का कहना है कि चुनाव कराने के लिए स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद आयोग स्तर पर फैसला किया जाएगा।  
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फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर से लड़ सकते हैं चुनाव

‌रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : FILE PHOTO
अनंतनाग तथा श्रीनगर सीट को लेकर विपक्ष ने कमर कस ली है। दोनों सीट फिलहाल पीडीपी के कब्जे में हैं। विपक्ष इन सीटों को हर हाल में पीडीपी से छीनना चाहता है, ताकि यह बताया जा सके कि पीडीपी की पकड़ कमजोर हुई है।

खासकर भाजपा के साथ गठबंधन कर। नेकां और कांग्रेस ने अपने स्तर पर इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कहा जा रहा है कि श्रीनगर की सीट पर फारूक अब्दुल्ला नेकां के उम्मीदवार हो सकते हैं। 
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