माता-पिता ने की अपील ईरान से बच्चों को सुरक्षित निकासी यकीनी बनाए केंद्र
बारामुला जिले के सोपोर इलाके में उन परिवारों ने केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई के लिए अपील की है जिनके बच्चे ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। ईरान में बढ़ते तनाव, हवाई हमलों और अशांति के बीच माता-पिता ने अपने बेटे-बेटियों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। परिवारों ने बताया कि ईरान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ने उन्हें गहरी चिंता में डाल दिया है। छात्रों से नियमित संपर्क मुश्किल हो गया है क्योंकि इंटरनेट बंदी और सेवाओं में बार-बार व्यवधान आ रहे हैं। माता-पिता के अनुसार, ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा विकल्पों के बेहद सीमित होने से स्वतंत्र रूप से वापसी लगभग असंभव हो गई है।
मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार ने कहा, गृहमंत्रालय से साध रहे संपर्क
युद्ध के बीच ईरान में पढ़ाई करने गए जम्मू-कश्मीर के मेडिकल छात्र फंसे हुए हैं। काउंसिल के रजिस्ट्रार का कहना है कि गृह मंत्रालय की जारी होने वाली एडवाइजरी का इंतजार है। इसके बाद स्पष्ट होगा कि वहां कितने मेडिकल छात्र फंसे हैं। जम्मू कश्मीर मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप डोगरा ने बताया कि कुछ छात्र युद्ध से पहले आए हैं। युद्ध के बाद की स्थितियों में अभी कोई मेडिकल छात्र ईरान से नहीं लौटा है।
छात्रों को सुरक्षित जगह भेजने के लिए दखल दें पीएम
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने ईरान में बढ़तीं एयर स्ट्राइक के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से तुरंत दखल देने और भारतीय छात्रों खासकर प्रदेश से आए छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने में मदद करने की अपील की है।
बड़ी संख्या में काम करने गए हैं लोग:
ईरान समेत खाड़ी देशों में जम्मू-कश्मीर के लोग बड़ी संख्या में काम करने गए हैं। इनमें से बहुत से ऐसे हैं, जिन्होंने मेडिकल से संबंधित कोर्स करके वहीं काम शुरू कर दिया है। इनकी जानकारी जुटाई जा रही है।