उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में सुरक्षा बलों ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के कमांडर के आठ सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह सभी आतंकी दुकानदारों तथा आम लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
सुरक्षा बलों की ओर से जिले के कनीशपोरा तथा डांगरपोरा में दो स्थानों पर आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर घेरेबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाया गया। सूचना थी कि यहां लश्कर कमांडर सज्जाद अहमद मीर उर्फ अबु हैदर के निर्देश पर कुछ लोग दुकानदारों को दुकान न खोलने के लिए धमका रहे है। इसके लिए पोस्टर भी चस्पा किए गए थे।
सूचना के आधार पर सेना, सीआरपीएफ तथा पुलिस ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पकड़े गए लोगों में सात ब्राथ व बोमई तथा एक हैगाम का रहने वाला है। इनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इनसे गत शनिवार को डांगरपोरा में आतंकवादियों की ओर से एक घर में घुसकर हमला किए जाने के मामले में पूछताछ की जा रही है।
इसमें ढाई साल की बच्ची उस्मा जान समेत परिवार के चार सदस्य घायल हुए थे। हमले के बाद आतंकी भाग निकले थे। एनएसए अजीत डोभाल ने घायल बच्ची उस्मा जान को इलाज के लिए दिल्ली (एम्स) बुलाया था।
370 हटाए जाने के बाद तीन की हत्या
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकियों ने अब तक तीन लोगों की हत्या कर दी है। एक परिवार पर हमला किया है, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। इससे पहले बाइक सवार आतंकवादियों ने श्रीनगर के बाहरी इलाके पारिमपोरा में 65 वर्षीय दुकानदार गुलाम मोहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। त्राल इलाके में दो गुज्जरों की भी हत्या कर दी थी।