जम्मू। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
इसके तहत शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों के विद्यार्थी दूसरे स्कूल में चल रही कक्षाओं से ऑनलाइन जुड़ेंगे और संबंधित विषय का कोर्स पूरा करेंगे। जल्द ही इस व्यवस्था को सभी स्कूलों में लागू करने की तैयारी है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की थी। यह काफी सफल व उपयोगी रही। अब आठवीं से दसवीं कक्षा तक के लिए भी इसे शुरू किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीक का दौर है। अधिकांश स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम हैं। शिक्षकों के पास भी लैपटाॅप और अच्छे फोन हैं। आनलाइन कक्षाओं के लिए जिला स्तर पर स्कूलों का रोस्टर बनाया गया है।
अधिकारी ने कहा कि ऐसा भी नहीं है कि सभी स्कूलों में शिक्षक नहीं है। इसके अलावा सभी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास की सुविधा भी नहीं है। इसके बावजूद जिन स्कूलों में अधिकांश विषयों के लेक्चरर नहीं हैं और अगर वहां बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी है तो ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था शुरू की है। 11वीं और 12वीं के बाद अब आठवीं से 10वीं कक्षा के लिए इस व्यवस्था काे प्रभावी बनाया जा रहा है।