सांबा स्कूलो मे छात्रों के कोविड टैस्ट करते हुए
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सांबा/ घगवाल। कोरोना के चलते पूरे देश में लॉकडाउन के बाद स्कूलों में वीरानी छाई थी। सरकार की ओर से स्कूलों के खोले जाने के निर्णय के बाद स्कूलों में छात्रों की आवाजाही से स्कूलों में रौनक लौट आई।
सोमवार को दसवीं व 12वीं कक्षा के छात्र अपने-अपने स्कूलों में पहुंचे। हालांकि कोविड-19 की गाइड लाइन के मुताबिक 50 प्रतिशत छात्रों को ही स्कूलों में बुलाया गया। ऐसे में छात्रों के कोरोना टेस्ट के बाद ही कक्षा में जाने की अनुमति मिली। स्कूलों में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रों के टेस्ट किए। कस्बे के हासस, लड़कियों के माडल हासस में भी छात्र स्कूलों में पहुंचे। उधर सांबा के ब्लॉक राजपुरा की सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल का माहौल कुछ बदला नजर आया। स्कूल गेट पर पहुंचते ही मास्क चेक किया गया और सैनिटाइज किया गया। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों के सैंपल लेकर रैपिड टेस्ट किए, फिर कक्षा में दूरी बनाकर बिठाया गया। कक्षा में भी दोस्तों की एक फीट की दूरी रही। शिक्षक और छात्र एक दूसरे से मिले। सभी छात्र-छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान झलक रही थी। स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं को कोविड-19 की सावधानियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
स्कूल खुलने के बाद छात्राओं की संख्या बहुत कम रही। शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक ही कक्षा में पहुंचने को कहा। हालांकि सामाजिक दूरी के साथ कोरोना की पूरी गाइड लाइन का पालन किया गया। प्रधानाचार्य प्रवीण अख्तर ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ विभाग को सैंपल के कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत स्कूल के बच्चों के रैपिड टेस्ट किए गए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि स्कूल में कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार बच्चों को प्रवेश दिया गया। इस मौके पर सुनती रानी, राकेश कुमार वर्मा, प्रेमनाथ शर्मा, रीना गुप्ता सहित अन्य अध्यापक मौजूद रहे।