नियुक्ति के लिए किश्तवाड़ से लेकर जम्मू तक अफसरों व मंत्रियों के दरवाजे खटखटाते रहे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर सरकारी हाई स्कूल नागबटना, कुंतवाड़ा को 12 वर्ष बाद जब स्थायी हेडमास्टर मिला तो पूरा गांव उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ा। हेडमास्टर के स्कूल पहुंचते ही ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाईं और पगड़ी बांधकर सम्मान किया। ग्रामीणों के चेहरों पर इस बात की खुशी झलक रही थी कि एक दशक से ज्यादा का इंतजार आखिर खत्म हुआ।
नागबटना गांव संगना पंचायत का हिस्सा है। पूर्व सरपंच आरिफ हुसैन ने बताया कि वर्ष 1962 में स्थापित इस स्कूल से गांव की कई पीढ़ियां पढ़कर निकली हैं। बीते एक दशक से अधिक समय से यहां स्थायी हेडमास्टर नहीं था। कई बार नियुक्तियां हुईं लेकिन अधिकारी एक-दो दिन से ज्यादा स्कूल में नहीं रुके। अधिकांश ने जिला या जोनल शिक्षा कार्यालय में ही सेवाएं देना बेहतर समझा। स्थायी हेडमास्टर की नियुक्ति के लिए ग्रामीणों ने किश्तवाड़ से लेकर जम्मू तक अधिकारियों और मंत्रियों से गुहार लगाई।
स्कूल में 166 बच्चे पढ़ते हैं। दसवीं कक्षा में 39 विद्यार्थी हैं। सत्र शुरू होने के कुछ महीने बाद मिले हेडमास्टर से बच्चों और ग्रामीण में उम्मीद जगी है कि परिणाम पहले से अच्छा आएगा।
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ग्रामीणों ने हेडमास्टर के लिए रुकने की व्यवस्था करवाई
हेडमास्टर मिलने के बाद ग्रामीणों ने इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने गांव में उनके रहने के लिए पहले से ही एक कमरे की व्यवस्था कर दी ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। गांववालों का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ इतना है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और स्कूल फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल करे।
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गांव वालों का प्रेम व सम्मान देखकर उत्साहित
उधमपुर से स्थानांतरित होकर आए हेडमास्टर रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें गांव पहुंचने पर पता चला कि स्कूल 12 वर्षों से हेडमास्टर का इंतजार कर रहा था। ग्रामीणों का स्नेह और सम्मान उनके लिए अविस्मरणीय है। सभी के सहयोग से स्कूल में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने का पूरा प्रयास करेंगे।