- भवन, आग से बचाव और लैब में रसायनों की सुरक्षा के लिए अब स्कूल खुद देगा प्रमाणपत्र
- विद्यार्थियों की आवाजाही में यातायात नियमों के पालन का भी देना होगा स्व-प्रमाणित प्रमाण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में स्कूलों की मंजूरी से जुड़ी कागजी प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल शिक्षा नियम, 2010 में संशोधन करते हुए भवन की सुरक्षा, आग से बचाव और प्रयोगशाला में रसायनों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था का प्रमाणपत्र अब स्कूल से ही लेने का प्रावधान किया है। स्कूल को खुद प्रमाणित करना होगा कि ये इंतजाम नियमों के मुताबिक हैं। इसके साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन किए जाने या किए जाने का भी प्रमाण देना होगा।
नए प्रावधान के तहत स्कूल को प्रमाणित करना होगा कि उसका भवन तय भवन नियमों के अनुसार बनाया गया है और हादसे से बचने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं। यानी भवन की सुरक्षा को लेकर स्कूल को खुद जिम्मेदारी लेनी होगी। स्कूल भवन में आग से बचाव के जरूरी उपकरण लगाए गए हैं, इसका भी स्व-प्रमाणित प्रमाणपत्र देना होगा। इससे स्कूल में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम होने की बात दर्ज होगी।
अगर स्कूल की प्रयोगशाला में रसायन रखे जाते हैं तो उन्हें सुरक्षित तरीके से रखने का प्रमाण भी देना होगा। आदेश में कहा गया है कि रसायनों को सुप्रीम कोर्ट और दूसरे न्यायालयों के समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार सुरक्षित रखा जाना चाहिए। नियमों में बदलाव के तहत स्कूल को यह भी स्व-प्रमाणित करना होगा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का जरूरी पालन किया गया है या किया जाएगा।