- इन स्कूलों ने मान्यता के लिए ऑफलाइन किया था आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के 1285 से अधिक निजी स्कूलों को मान्यता नहीं मिली है। इन्होंने 2019 से 31 जुलाई 2021 तक ऑफलाइन आवेदन किया था। जम्मू-कश्मीर स्कूल विभाग इन स्कूलों को मान्यता देने में देरी कर रहा है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा, क्योंकि स्कूल को मान्यता नहीं मिलने से उनका परिणाम भी मान्य नहीं माना जाता है। विभाग अभी तक परिणाम में कोई अड़चन तो नहीं कर रहा है, लेकिन मान्यता में देरी का कारण भी नहीं बता रहा है। इनमें से कुछ स्कूलों मान्यता मार्च 2023 में खत्म हुई ,जबकि कुछ की मार्च 2024 और मार्च 2025 में खत्म हो रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस रवैये पर मंगलवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों ने बैठक की। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू और जेके बोर्ड चेयरमैन से मुलाकात हुई है, लेकिन आश्वासन के आगे कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने 2021 के बाद विभाग स्कूलों को मान्यता या संबद्धता देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया, लेकिन 2021 से ऑफलाइन आवेदन कर चुके स्कूलों को मान्यता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में चल रही बोर्ड कक्षाओं के लिए जेके बोर्ड से संबंधन तो मिला। इस संबंधन के आधार ही स्कूलों को कक्षा एक से आठवीं तक के लिए मान्यता मिलती है, लेकिन 1285 स्कूलों को नहीं मिली हैं। सदस्यों ने निजी स्कूलों के लिए संबद्धता और आवधिक निरीक्षण शुल्क में वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्कूलों को मान्यता में देरी से विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है, लेकिन कोई पहल नहीं हो रही है। बैठक में विनीत गुप्ता, सिद्धेश्वर सदोत्रा, थॉमस ओमन, बिशन शर्मा, राकेश गुप्ता, प्रशांत सलारिया व अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो