स्कूलों में डमी प्रवेश छात्रों में तनाव का करण, समय पर नहीं रोका तो आत्महत्या केंद्र बनेगा प्रद
निजी स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों ने स्कूल शिक्षा निदेशक से मुलाकात कर बताई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने निजी कोचिंग संस्थानों पर 2010 में बनाए नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की। सदस्यों ने प्रदेश में बढ़ती डमी क्लासेज के चलन पर चिंता जताई और इसे छात्रों में तनाव पैदा करने वाली बताया। कहा कि डमी प्रवेश के खतरे को समय रहते नहीं रोका गया तो जम्मू-कश्मीर राजस्थान के कोटा व सीकर की तरह आत्महत्या केंद्र बन जाएगा।
एसोसिएशन के सदस्यों ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू अशोक कुमार शर्मा से मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया। आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। विभाग स्कूलों को संबद्धता के आधार पर मान्यता देने में विफल रहा है। कोचिंग सेंटर स्कूलों के समानांतर चल रहे हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में डमी प्रवेश हो रहा है। छठीं से 12वीं कक्षा के बच्चे स्कूल समय में कोचिंग ले रहे हैं। यह नई संस्कृति छात्रों के बीच तनाव पैदा कर रही है। निजी ट्यूशन सेंटरों के लिए 2010 में बनाए गए, नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्री प्राइमरी, नर्सरी, प्राइमरी और मिडिल स्कूल की मान्यता को उनके आदेश संख्या और मान्यता की अवधि के साथ प्रदर्शित करने की भी मांग की। मौके पर अजय गुप्ता, दीपक हांडा, संजीव लूथरा, सिद्धेश्वर सदोत्रा, विनीत गुप्ता, राकेश गुप्ता, थॉमस ओमान मौजूद रहे।