साइकाइटरी अस्पताल में शुरू होगा एटीएफ केंद्र, इंडोर और ओपीडी की सुविधा, निशुल्क दवाएं मिलेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। साइकाइटरी अस्पताल में नशे की लत से जूझ रहे पीड़ितों को एक छत के नीचे उपचार देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अस्पताल में अलग से एटीएफ (एडिक्शन ट्रीटमेंट फेसिलिटी) केंद्र अगले दो से तीन हफ्ते में शुरू करने की योजना है। इस केंद्र में पीड़ितों को इंडोर (इंडोर पेशेंट डोर) और ओपीडी (आउट पेशेंट डोर) की सुविधा के साथ निशुल्क दवाएं मिलेंगी। जम्मू कश्मीर में नशे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से साइकाइटरी अस्पताल में एटीएफ केंद्र को शुरू किया जा रहा है, जिसमें नोडल एजेंसी एम्स दिल्ली को बनाया गया है। एटीएफ केंद्र में 25 बिस्तरों का प्रावधान रखा गया है, जिसमें बीस पुरुष और पांच महिला मरीजों के लिए होंगे। केंद्र को शुरू करने के लिए एक एमबीबीएस डाक्टर, पांच नर्सों, दो काउंसलर और एक डेटा आपरेटर की अनुबंध पर नियुक्ति की गई है। साइकाइटरी अस्पताल में सामान्य 150 की ओपीडी में 20 से 30 एडिक्शन (नशे से जुड़े) मामले पहुंच रहे हैं। इसके अलावा ओएसटी (ओपिएड सब्सिट्यूड थैरेपी) केंद्र में भी एडिक्शन मामलों को देखा जा रहा है। ओएसटी केंद्र में मौजूदा 1005 मामले पंजीकृत हैं। जिनमें 90 प्रतिशत तक मामले हेरोइन के हैं। लेकिन एटीएफ केंद्र शुरू होने से सभी एडिक्शन मामलों को एक ही जगह देखा जाएगा। इसी साल मंत्रालय की ओर से देश में 25 एटीएफ केंद्र समर्पित किए गए थे। जिसमें साइकाइटरी अस्पताल के अलावा राजोरी, किश्तवाड़ और कठुआ में खोला जाना है। बताया जा रहा है कि कठुआ में इसे शुरू कर दिया गया है। लेकिन पूरे संभाग में साइकाइटरी अस्पताल में ही पीड़ितों को इंडोर और ओपीडी की सुविधा मिलेगी, जबकि अन्य जगहों पर ओपीडी की सुविधा उपलब्ध होगी। इन केंद्रों के तहत निवारक शिक्षा, जागरूकता सृजन, क्षमता निर्माण, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को पुनर्वास के लिए बेहतर उपचार विकल्प, पीड़ितों की आजीविका सहायता आदि के लिए काम किया जाएगा। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सरकारी अस्पतालों में एटीएफ केंद्रों की स्थापना एक विशेष पहल है। साइकाइटरी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. रेहाना के अनुसार नशे के आदि लोगों को पहले ही अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। लेकिन समर्पित एटीएफ केंद्र शुरू होने से उन्हें और अच्छा इलाज मिल सकेगा।