रैकिंग अच्छी होने के बावजूद अन्य राज्यों का रुख कर रहे प्रदेश के युवा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
प्रदेश में आईआईटी और आईआईएम की स्थापना के पीछे बेशक स्थानीय छात्रों को सहूलियत की सोच रही होगी, लेकिन इनमें इस वक्त बाहरी छात्रों का दबदबा है। स्थानीय छात्र बेहतर शिक्षा के लिए बाहरी राज्यों का रुख कर रहे हैं। उनकी सबसे पहली पसंद आईआईटी बांबे है। यह अलग बात है कि वहां की रैकिंग हाई होने की वजह से वहां दाखिला बहुत कम का हो पाता है।
उच्च और तकनीकी शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र कहीं भी प्रवेश लेते वक्त संस्थान में मिलने वाली सुविधाएं, फैकल्टी, कोर्स मैटीरियल और कोर्स करने के बाद प्लेसमेंट पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। ऐसे में अगर उनकी रैंकिंग अच्छी आ जाती है तो उनका पहला मकसद ऐसे संस्थान में दाखिला लेना होता है, जो इसमें टॉप पर हो। आईआईटी के एक रिटायर्ड प्रोफेसर बताते हैं कि हालांकि प्रदेश के इन मैनेजमेंट और तकनीकी संस्थानों रैकिंग लगातार बेहतर हो रही है, लेकिन अभी स्थानीय छात्र-छात्राओं की पहली पसंद बनने में इन्हें वक्त लगेगा।
अच्छी रैकिंग के बावजूद बेटे ने बाहर जाना चुनाव
जम्मू संभाग के एक स्थानीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बताते हैं कि उनके बेटे की अच्छी रैंकिंग थी, लेकिन उसने बाहर पढ़ने की जिद की। लिहाजा, उसे राजस्थान के एक संस्थान में भेजना पड़ा। उनके अनुसार फैकल्टी की क्वालिटी और कोर्स में विविधता दो ऐसे बड़े कारण हैं, जिनकी वजह से स्थानीय छात्र बाहर के तकनीकी और मैनेजमेंट संस्थानों का रुख कर रहे हैं।
आईआईएम....(पीजी दो वर्षीय)
वर्ष कुल छात्र स्थानीय छात्र बाहरी छात्र
2021-22 456 02 454
2022-23 485 04 481
2023-24 499 02 497
आईआईटी....
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कोर्स कुल छात्र स्थानीय छात्र बाहरी छात्र
चार वर्षीय यूजी 849 29 820
दो वर्षीय पीजी 181 18 163
तीन वर्षीय पीजी 41 04 37