शहर में चल रही स्कूली बसों की कार्यप्रणाली पर आज तक शिक्षा विभाग की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसी कारण स्कूलों में स्कूली बसों की मनमानी बढ़ने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के पास अभिभावकों ने कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से इसको लेकर कभी कदम नहीं उठाए गए हैं।
निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है, लेकिन आज तक शिक्षा विभाग ने इसको गंभीरता से लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं। निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने के साथ कई बार स्कूली बसों का मनमाना किराया वसूलने के मामले भी सामने आते हैं। स्कूल बस की फीस वसूलने के लिए कोई पैमाना तैयार नहीं किया गया है।
फीस स्कूल को दी जाती है और स्कूल की तरफ से बसों के मालिकों को कितने दिए जाते हैं, इसका भी कोई रिकार्ड तैयार नहीं किया जाता है। विभाग कभी निजी स्कूलों को मनमानी करने पर नहीं पूछता। अगर शिक्षा विभाग इसको गंभीरता से लेकर कोई कदम उठा ले तो काफी हद तक अभिभावकों को राहत मिलेगी।